धौलपुर

Dholpur: पत्रिका के अमृतम जलम अभियान के तहत किया श्रमदान, चमक उठे मचकुंड सरोवर के घाट

मचकुंड धाम सरोवर पर राजस्थान पत्रिका के अमृतम जलम कार्यक्रम के तहत घाटों पर सफाई अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और श्रमदान किया। श्रमदान के बाद घाट फिर से साफ हो गए।
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Dholpur news
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धौलपुर. धौलपुर शहर के करीब मचकुंड धाम सरोवर पर अलग ही नजारा दिखाई दिया। सरोवर के घाटों पर जमा गंदगी और कचरे को सभी लोगों ने मिलकर साफ किया और एक बार फिर से घाट खिल उठे। मचकुंड स्थल पर सुबह राजस्थान पत्रिका के अमृतम जलम कार्यक्रम के तहत यहां घाटों पर सफाई अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और श्रमदान किया। श्रमदान के बाद घाट फिर से साफ हो गए। श्रमदान के लिए पहुंचे लोगों का कहना था कि नगर परिषद और जिला प्रशासन को मचकुंड सरोवर और उसके घाटों की स्वच्छता पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। यह धौलपुर की पहचान है।

मचकुंड के घाटों पर रविवार सुबह करीब 7:30 बजे शहर के लोग एकत्र हुए और यहां घाटों पर सफाई अभियान शुरू किया। लोगों ने घाटों पर फैली गंदगी और प्लास्टिक कचरा साथ ही उग आई अनावश्यक घास को साफ किया और कचरे को इकट्ठा कर एक स्थान पर डंप किया। जिसे बाद में नगर परिषद सफाई कार्मिक ले गए। सफाई कार्यक्रम में रणछोड़ दास विकास समिति संस्था अध्यक्ष नितिन अग्रवाल, उपाध्यक्ष विनोद रावत,महामंत्री हरी बाबू, कोषाध्यक्ष पवन जैन, डॉक्टर डीके बंसल, महेश मंगल, दिनेश गर्ग, मनोज अग्रवाल, मुकेश चेची विक्रम सिंह, केशव अग्रवाल,आशु पाराशर, राघवेंद्र सिंह समेत अन्य लोग शामिल रहे।

सफाई नहीं से घाटों पर फैला था कचरा

मचकुंड के घाटों पर सफाई नहीं होने की वजह से यहां पर सीढ़ियों के पास कचरा पड़ा हुआ था। साथ ही प्लास्टिक की बोतल और पूजन सामग्री भी सीढ़ियों पर जगह-जगह बिखरी पड़ी थी। सामने लाडली जगमोहन मंदिर के पास के घाटों पर स्थिति खराब दिखाई दी। जिस पर सभी लोगों ने मिलकर इस गंदगी और कचरे को हटाया और कचरा पात्र में डाला। बताया जा रहा है कि घाटों पर कुछ दिन से सफाई नहीं होने से यहां पर गंदगी पड़ी हुई थी। बता दे सफाई का जिम्मा नगर परिषद के पास है।

हर सप्ताह मिलकर करेंगे श्रमदान

मचकुंड सरोवर की घाटों पर सफाई अभियान के दौरान सभी लोगों का कहना था कि सब सप्ताह में एक दिन अलग-अलग घाटों पर सफाई करें। कहा कि यह धौलपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है और इसका ख्याल रखना हम सभी का कर्तव्य है। उपाध्यक्ष विनोद ने कहा कि यहां पर नियमित रूप से सफाई की जरूरत है। इसी तरह कोषाध्यक्ष पवन जैन का कहना था की सफाई के साथ थी या घाटों पर उल्लेखित किया जाना चाहिए कि पूजा सामग्री सहित अन्य सामग्री यहां पर नहीं फेंके। दिनेश में कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और जिले के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है और इसकी स्वच्छता का ख्याल रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

सफाई की नियमित हो मोनिटरिंग

श्रमदान कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने कहा कि मचकुंड धार्मिक आस्था के साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत है, इसलिए प्रशासन और नगर परिषद को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। साथ ही यहां घाटों पर सफाई और परिक्रमा मार्ग में स्वच्छता है या नहीं इसके लिए नियमित रूप से कर्मचारी नियुक्त कर मॉनिटरिंग होनी चाहिए। लोगों ने कहा कि मचकुंड को अभी पर्यटन मानचित्र पर उभरने की और आवश्यकता है। इसके लिए यहां पर सुविधाओं को विकसित किए जाने की जरूरत है। साथ ही बाहर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटकों के लिए यहां पर सुविधा होनी चाहिए जिससे उन्हें किसी तरह परेशानी ना हो।

प्लास्टिक कचरे पर लगे रोक

श्रमदान कार्यक्रम में शामिल लोगों ने सरवर के पास प्लास्टिक सामग्री लाने पर रोक लेनी चाहिए। जिससे सरोवर की घाटों और कुंड में प्लास्टिक कचरे को जाने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामग्री को सख्ती से रोकने की जरूरत है, यह सरोवर की पवित्रता और पानी को प्रदूषित कर रही है।



Updated on:
06 Jul 2026 07:15 pm
Published on:
06 Jul 2026 07:15 pm