धौलपुर

Dholpur: मतदाता पहली बार चुनेंगे शहर की सरकार, वार्डों के परसीमन से मतदाता भ्रमित

सरमथुरा नगर पालिका अब अपने पहले नगर निकाय चुनाव की दहलीज पर है। 11 सितंबर को होने वाले मतदान के साथ ही यहां के मतदाता गांव की सरकार चुनने के बाद पहली बार शहर की सरकार के गठन में अपनी भागीदारी निभाएंगे। नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर मतदाताओं के साथ चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी वार्डों के परिसीमन को लेकर भ्रमित हो रहे हैं।
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शहर में आखिरी दिन प्रचार करते समर्थक

सरमथुरा. करीब चार वर्ष पहले ग्राम पंचायत से अस्तित्व में आई नगर पालिका अब अपने पहले नगर निकाय चुनाव की दहलीज पर है। 11 सितंबर को होने वाले मतदान के साथ ही यहां के मतदाता गांव की सरकार चुनने के बाद पहली बार शहर की सरकार के गठन में अपनी भागीदारी निभाएंगे। नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर मतदाताओं के साथ चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी वार्डों के परिसीमन को लेकर भ्रमित हो रहे हैं।

गांव से शहर तक बदली चुनाव की तस्वीर नगर पालिका बनने से पहले ग्राम पंचायत व्यवस्था के तहत चुनाव होते थे। उस समय मतदाता सरपंच और वार्ड पंच चुनते थे। नगर पालिका गठन के बाद पहली बार होने जा रहे निकाय चुनाव में वही मतदाता अब अपने वार्ड से पार्षद चुनेंगे। दरअसल, फौदा चौक को 05, 13, 15 व 16 नंबर वार्ड में विभाजित किया गया है। इसीप्रकार भुमियामठ पर एक घर के वोट 23, 24 व 25 में बांट दिया गया है। जिससे मतदाता व प्रत्याशी दोनों ही भ्रमित है।

सरमथुरा नगरपालिका क्षेत्र में 7724 पुरूष, 6676 महिला व एक ट्रांसजेंडर सहित कुल 14401 मतदाता है। वहीं प्रशासन द्वारा सरमथुरा नगरपालिका में वार्ड नंबर 2, 3, 4, 8, 13, 17, 20 व 25 सहित आठ वार्डों को संवेदनशील घोषित किया गया है। पालिका क्षेत्र में सबसे कम मतदाता वार्ड नंबर चार में 305 व सबसे अधिक मतदाता वार्ड नंबर 25 में 911 है। हालांकि निकाय चुनाव में सरमथुरा नगरपालिका के 25 वार्डों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 25 व भारतीय जनता पार्टी ने 15 वार्डों में प्रत्याशियों को टिकट दिया है। वही एक वार्ड निर्विरोध होने के बाद 43 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में है।

किसी को विकास की चिंता, किसी को चाहिए साफ-सफाई :

वार्डों में चुनाव प्रचार के दौरान मतदाता अपनी-अपनी प्राथमिकताएं भी प्रत्याशियों के सामने रख रहे हैं। कई मतदाताओं का कहना है कि नगर पालिका बनने के बाद शहर के अनुरूप सुविधाओं का विकास होना चाहिए। वहीं कुछ लोग सफाई व्यवस्था, नालियों की समस्या और सड़कों को प्राथमिकता देने की बात कह रहे हैं। महिला मतदाताओं का कहना है कि चुनाव में ऐसा प्रतिनिधि चुना जाना चाहिए जो जीतने के बाद भी आम लोगों के बीच रहे और उनकी समस्याओं को नगर पालिका तक पहुंचाएं। वहीं युवा मतदाताओं को पहली बार शहर की सरकार चुनने का अवसर मिल रहा है। युवाओं की अपेक्षा है कि नगर पालिका क्षेत्र में बेहतर सुविधाओं के साथ खेल मैदान, रोजगार से जुड़ी गतिविधियों और स्वच्छ वातावरण पर भी ध्यान दिया जाए।

-प्रत्याशियों में अनुभव की कमी:

नगर पालिका सरमथुरा के पहले चुनाव में पार्षद पद के लिए मैदान में उतरे प्रत्याशियों के लिए भी यह चुनाव खास है। इनमें कई ऐसे उम्मीदवार है जो पहली बार निकाय चुनाव लड़ रहे हैं। जिन्हें अनुभव की कमी है। प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड में मतदाताओं के बीच पहुंचकर समर्थन जुटाने में लगे है। कोई विकास कार्यों का भरोसा दिला रहा है तो कोई वार्ड की वर्षों पुरानी समस्याओं को दूर करने का वादा कर रहा है।

Updated on:
10 Sept 2026 10:41 am
Published on:
10 Sept 2026 10:41 am