
धौलपुर. नानपुर के पास क्रॉसिंग निर्माण
धौलपुर. आगमी दिनों में उत्तर-मध्य रेलवे में यात्रियों को और सुविधा मिलने जा रही है। मंडल में रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने, यात्रियों की सुविधाओं में सुधार तथा सुरक्षित एवं सुगम रेल संचालन के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण अधोसंरचना कार्य गति पकड़ रहे हैं। यहां मथुरा-झांसी तृतीय लाइन परियोजना के अंतर्गत आगरा मंडल में भांडई-कीथम बाइपास लाइन लगभग 26.5 किलोमीटर के निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस कार्य का करीब 82 फीसदी सिविल कार्य पूर्ण हो चुका है।
इस मथुरा-झांसी तृतीय रेल लाइन परियोजना की कुल अनुमानित लागत 5,960.76 करोड़ है। बाइपास लाइन के निर्माण से आगरा क्षेत्र में रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने के साथ ही ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।परियोजना के तहत अब तक 38.65 लाख घन मीटर अर्थवर्क पूरा हो चुका है। वहीं 57 में से 53 माइनर ब्रिज का निर्माण तैयार हैं जबकि 18 मेजर ब्रिज के सभी सब.स्ट्रक्चर का कार्य भी हो गया है। जबकि 13 मेजर ब्रिज के सुपर.स्ट्रक्चर भी तैयार किए जा चुके हैं। इसके अलावा 05 गर्डर की फैब्रिकेशन का कार्य भी पूरा हो चुका है। जिससे लाइन में रफ्तार के साथ ट्रेनें निकल सकेंगी और यात्रा का समय भी कम होगा।
37 से बढक़र 75 हुए पुल
स्थानीय आवश्यकताओं और ग्रामीणों की मांग को ध्यान में रखते हुए परियोजना में पुलों की संख्या प्रारंभिक 37 से बढ़ाकर 75 की गई है। इसके साथ ही भांडई-कीथम के बीच नानपुर में नया क्रॉसिंग स्टेशन भी बनाया जा रहा है। इससे इस रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन एवं क्रॉसिंग की सुविधा को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
161 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण
बाइपास लाइन के निर्माण के लिए करीब 161 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए अब तक 540.20 करोड़ अवार्ड राशि बांटी जा चुकी है। इसी तरह धौलपुर सरमथुरा ब्राडगेज लाइन पर रेलवे अभी तक1.37 अरब रुपए की राशि भूमि मालिकों को दे चुका है। इस लाइन पर भी आगामी दिनों ट्रेन दौड़ाने की तैयारी हो रही है। इस लाइन से जिले के लोगों को फिलहाल फायदा मिलेगा और द्वितीय चरण पूर्ण होने पर धौलपुर पहली दफा रेल नेटवर्क से राजस्थान से जुड़ सकेगा।
विकास के साथ पर्यावरण का रखा ख्याल
परियोजना के एलाइनमेंट में 5.094 पेड़ प्रभावित हुए। पर्यावरणीय शर्तों के अनुपालन में प्रत्येक पेड़ के बदले दस गुना पौधरोपण के तहत वन विभाग आगरा के सहयोग से 50.940 पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों के रखरखाव की भी व्यवस्था की गई है। परियोजना की निर्धारित पूर्णता तिथि 31 दिसंबर 2026 है।
यात्रियों और रेल संचालन को मिलेगा सीधा लाभ
भांडई- कीथम बाइपास लाइन के पूरा होने से मथुरा-झांसी तृतीय लाइन की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी। इससे आगरा क्षेत्र के मौजूदा रेल मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन दबाव को कम करने तथा रेल यातायात को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। मालगाडिय़ों एवं यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त रेल मार्ग उपलब्ध होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी। इसके साथ ही दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों के आवागमन को बेहतर बनाने में भी यह बाइपास लाइन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Updated on:
6 Sep 2026, 8:01 PM IST
Published on:
6 Sep 2026, 8:01 PM IST
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