
जगन चोराहे से हरदेव नगर तक जल भराव
धौलपुर.जिले में तीन दिनों से जारी बारिश अब आफत का रूप लेती जा रही है। लगातार बारिश से जहां नदी नाले उफान पर हैं तो सबसे बड़े पार्वती बांध के चार गेट खोलने से सैपऊ-बाड़ी मार्ग पर करीब 3 फीट पानी बह रहा है। सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन ने इस रास्ते पर आवागमन प्रतिबंध कर दिया है। लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में दो मकान भी धराशायी हो गए। हालात यह हैं कि पिछले तीन दिनों में जिले में 142 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
पिछले दो सालों से मानसून के दौरान बारिश ने गदर मचा दी थी और बारिश का आंकड़ा औसत से दोगुना दर्ज किया गया था। गत सीजन मानसून की कमजोर दस्तक के कारण औसत बारिश के भी लाले पड़ते दिखाई देने लगे थे, लेकिन श्रावण मास और अब भादौ महीने में मानसून की दमदार एंट्री ने सारे आंकड़े पलटते हुए अब औसत बारिश की ओर कदम बढ़ दिए हैं और मौजूदा समय तक जिले में औसत बारिश का आंकड़ा 600 एमएम को पार कर चुका है, लेकिन पिछले तीन दिनों से जारी बारिश अब आफत बनती जा रही है। धौलपुर शहर में पिछले 24 घंटे में 87 एमएम बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण शहर की दो दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों में पानी भर गया है। कई सडक़ों पर पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। निचले इलाकों में घरों और दुकानों के आसपास भी पानी जमा हो गया है। जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धराशायी हुए दो पक्के मकान
लगातार होती बारिश के कारण जिले में दो पक्के मकान भी धराशायी हो गए हैं। धौलपुर शहर स्थित सागरपाड़ा मोहल्ले में पक्का मकान का हिस्सा टूटकर गिर गया। तो वहीं मांगरोल कस्बे में भी एक पक्का मकान धराशायी हो गया। दो ही हादसों में गनीमत रही कि जिस समय मकान धराशायी हुए उस समय आसपास कोई नहीं था। बारिश के दौरान मकानों के धराशायी होने की घटनाएं घटित होती हैं जिनमें अधिकतर जर्जर मकान शामिल होते हैं, लेकिन इन जर्जर मकानों को लेकर स्थानीय पालिकाएं कोई ध्यान नहीं दे रहीं।
पार्वती में उफान से ग्रामीण क्षेत्रों का कटा सम्पर्क
लगातार बारिश का असर यह रहा कि जिले के सबसे बढ़े पार्वती बांध छलक उठा और उसके ४ गेट खोलने पड़े। बांध से करीब 4400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसका असर अब पार्वती नदी में दिखाई दे रहा है। नदी का जलस्तर बढऩे के कारण निचले इलाके इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। पार्वती नदी में बढ़ते जलस्तर का असर सडक़ मार्गों पर भी दिख रहा है। सैपऊ-बाड़ी पार्वती मार्ग पर करीब 3 फीट पानी बह रहा है। सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन ने इस रास्ते पर आना-जाना रोक दिया है। वाहनों को नए पुल से निकाला जा रहा है। तो राजाखेड़ा ब्लॉक के नादौली रपट जो उत्तरप्रदेश के आगरा को राजाखेड़ा से जोड़ती है 2.5 फीट पानी में डूब चुकी है। जिससे आवागमन बाधित हो गया है।
Updated on:
6 Sep 2026, 7:20 PM IST
Published on:
6 Sep 2026, 7:20 PM IST
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