कभी गांव की चौपाल और रसोई में सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाओं ने अब अपने हुनर और परंपरागत स्वाद से देशभर में अपनी अलग पहचान बना ली है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करती हुई। जिले की ग्रामीण महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत के दम पर ‘कटोरी’ नाम से एक घरेलू ब्रांड की शुरुआत की है।
- वेबसाइट भी बनाई, ऑनलाइन ऑर्डर की भी सुविधा
धौलपुर. कभी गांव की चौपाल और रसोई में सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाओं ने अब अपने हुनर और परंपरागत स्वाद से देशभर में अपनी अलग पहचान बना ली है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करती हुई। जिले की ग्रामीण महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत के दम पर ‘कटोरी’ नाम से एक घरेलू ब्रांड की शुरुआत की है। इस ब्रांड के तहत महिलाएँ शुद्ध देसी अचार, मसाले, घानी का तेल, देशी घी, पनीर और अन्य पारंपरिक उत्पाद तैयार कर रही हैं, जो न केवल स्वादिष्ट हैं बल्कि पूरी तरह से प्राकृतिक और रसायन मुक्त भी हैं।
पांच साल पहले शुरू हुई इस अनूठी पहल ने आज ‘कटोरी’ नामक स्वदेशी ब्रांड के रूप में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। आज दिल्ली, जयपुर, नोएडा और अन्य शहरों के बड़े-बड़े मॉल्स और स्टोर्स पर ‘कटोरी’ ब्रांड के उत्पाद धड़ल्ले से बिक रहे हैं। मंजरी फाउंडेशन के सहयोग से 5 साल पहले प्रारंभ हुई, इस पहल ने महिलाओं को स्वरोजगार का साधन देने के साथ.साथ उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत किया है। ग्रामीण इलाकों की ये महिलाएं अब बड़े बाजारों में अपने ब्रांडेड उत्पाद बेच रही हैं और अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं।
5000 महिलाएं जुड़ीं, करोड़ों का टर्नओवर
इस ब्रांड से अब तक 5000 से ज्यादा ग्रामीण महिलाएं सीधे जुड़ चुकी हैं। स्वयं सहायता समूह और महिला संघों के माध्यम से महिलाएं इन उत्पादों का निर्माणए पैकिंग और बिक्री का कार्य कर रही हैं। खुद की वेबसाइट भी विकसित की है। बीते वर्ष कटोरी ब्रांड ने करीब 2.5 करोड़ रुपए का सालाना टर्नओवर दर्ज किया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल है।
- कटोरी ब्रांड का उद्देश्य न केवल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, बल्कि शुद्ध और देसी स्वाद को हर घर तक पहुंचाना भी है। शुद्धता, गुणवत्ता और देसीपन के चलते ग्राहकों का भरपूर विश्वास इस ब्रांड को मिल रहा है।
- अनीता, निदेशक
- कटोरी ब्रांड के उत्पाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने लगे है और अब देशभर के बड़े शहरों में भी उपलब्ध कराए जाने की तैयारी चल रही है ताकि हर कोई इस देसी स्वाद का आनंद ले सके।
- ऋषिकेश पाठक, उद्यमिता कार्यक्रम