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इम्यूनिटी बूस्ट करने के साथ मधुमेह में भी फायदेमंद है गुडुची

Giloy Benefits: गुडुची में कई तरह के आैषधिय गुण हाेते हैं। यह सूजन कम करने, शुगर को नियंत्रित करने, गठिया रोग, रक्त शोधन के अलावा कई अन्य तरह के रोगों में लाभकारी होती है

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Apr 26, 2020
इम्यूनिटी बूस्ट करने के साथ मधुमेह में भी फायदेमंद है गुडुची

Giloy Benefits In Hindi: कोरोनावायरस से दुनियाभर में अब तक जहां 29 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं, वहीं भारत में संक्रमितों की संख्या 24 हजार का आकड़ा पार कर गई है। दुनियाभर के वैज्ञानिक कोविड-19 का इलाज तलाश करने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं। लेकिन अभी इसमें सफलता नहीं मिली है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कोरोनावायरस कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में जल्दी फैलता है। इसलिए इससे बचाव के लिए जरूरी है कि अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखा जाए। इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने में पोषण युक्त आहार का बहुत महत्व होता है। लेकिन भारत की प्रचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में भी इम्यूनिटी को मजबूत रखने के लिए कई नुस्खे दिए गए हैं। जिसमें से एक है गिलोय का सेवन। जी हां, आयुर्वेद के अनुसार गिलोय के पत्तों में कई औषधीय गुण होते हैं जो शरीर को बैक्टीरिया और इंफेक्शन बचाने में मदद करते हैं। प्रतिदिन सुबह गिलोय के पत्तों के पानी का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आइये जानें गिलोय के पत्तों का पानी पीने के अन्य फायदों के बारे में -

- गिलोय एक ऐसी औषधि होती है, जो कई तरह के मर्ज में लाभकारी साबित होती है। गिलोय की टहनियों, बीजों और पत्तियों के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और बीमारियों से बचाव होता है। गिलोय इंसान को रोगों से लड़ने कि ताकत प्रदान करती है। नीम के पेड़ पर चढ़ी हुई गिलोय सबसे लाभकारी और अच्छी मानी जाती है। गिलोय को गुडुची, भी कहते हैं इसका वैज्ञानिक नाम टीनोस्पोरा कोर्डीफोलिया है। वात, पित्त और कफ से संबंधित बीमारियों में एनीमिया, बुखार, बवासीर, खांसी, एसिडिटी, मधुमेह में फायदा मिलता है। तनाव, चिंता, घबराहट, दमा, मुहांसे, लिवर, पीलिया, कब्ज और खून की कमी में इसका जूस लेना फायदेमंद है।


- गिलोय मे कई तरह के गुणों की भरमार होती है। गिलोय सूजन कम करने, शुगर को नियंत्रित करने, गठिया रोग, रक्त शोधन के अलावा कई अन्य तरह के रोगों में लाभकारी होती है। ये खून की कमी, पीलिया और कुष्ठ रोगों के इलाज में भी फायदेमंद है। गिलोय के डंठल का ही प्रयोग करना चाहिए। गिलोय की तासीर गर्म होती है अधिक मात्रा में गिलोय का सेवन न करें, इससे मुंह में छाले हो सकते हैं।

- गिलोय में कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस पाया जाता है। इसके तनों में स्टार्च की अच्छी मात्रा होती है। गिलोय का काढ़ा और जूस भी पिया जा सकता है। शरीर में जलन होने पर आंवला के साथ इसका जूस लेने से लाभ होता है।

Published on:
26 Apr 2020 09:26 pm
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