
Healthier Raw Foods (Image- gemini)
Healthier Raw Foods: अक्सर हम हर चीज को तेल-मसाले में भूनकर या उबालकर ही खाते हैं। हमें लगता है कि पकाने से खाना साफ और सुरक्षित हो जाता है। ये बात काफी हद तक सही भी है, लेकिन हर चीज पर लागू नहीं होती। एमी डेविस, आरडीएन (डायटीशियन) कहती हैं कि हमारी रसोई में मौजूद कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन्हें आग पर चढ़ाते ही उनके आधे से ज्यादा पोषक तत्व (nutrients) जलकर खत्म हो जाते हैं। अगर आप इन्हें कच्चा खाएंगे, तो इनके फायदे कई गुना बढ़ जाएंगे।
लहसुन को तड़के में डालकर भूनने से उसकी खुशबू तो अच्छी आती है, लेकिन उसका असली तत्व एलिसिन खत्म हो जाता है। एलिसिन ही वो चीज है जो आपके बीपी को कंट्रोल करती है और इंफेक्शन से लड़ती है। सुबह खाली पेट एक कली कच्ची चबाएं या सलाद के ऊपर बारीक काटकर डालें।
प्याज को ज्यादा पकाने से उसके एंटी-कैंसर गुण कम हो जाते हैं। कच्ची प्याज में सल्फर और फ्लेवोनोइड्स होते हैं जो दिल की सेहत के लिए बहुत अच्छे हैं। इसे सलाद के तौर पर खाने से लू से भी बचाव होता है और शरीर को ठंडक मिलती है।
शिमला मिर्च में संतरे से भी ज्यादा विटामिन सी हो सकता है, लेकिन शर्त ये है कि आप इसे ज्यादा न पकाएं। विटामिन सी गर्मी झेल नहीं पाता और पकाने पर भाप बनकर उड़ जाता है। इसे हल्का सा सौते (saute) करें या सैंडविच और सलाद में कच्चा ही इस्तेमाल करें।
ब्रोकली में कैंसर से लड़ने वाले खास तत्व होते हैं। रिसर्च बताती है कि इसे उबालने या तलने से इसके गुण काफी कम हो जाते हैं। अगर कच्चा खाना पसंद न हो, तो इसे सिर्फ 2-3 मिनट के लिए स्टीम करें। इससे इसका कुरकुरापन और गुण दोनों बने रहेंगे।
बाजार में मिलने वाले रोस्टेड बादाम या काजू स्वाद में तो बढ़िया लगते हैं, लेकिन भूनने के दौरान इनका नेचुरल ऑयल और विटामिन ई कम हो जाता है। मेवों को कच्चा खाएं या रात भर भिगोकर सुबह खाएं। भिगोने से इनका फायदा और बढ़ जाता है।
चुकंदर में विटामिन बी9 (फोलेट) बहुत ज्यादा होता है, जो खून बढ़ाने में मदद करता है। पकाने पर इसका 25% हिस्सा खत्म हो जाता है। खून की कमी पूरी करनी है तो चुकंदर को घिसकर सलाद में खाएं या इसका ताजा जूस पिएं। कच्ची सब्जियां खाने से पहले उन्हें गुनगुने पानी और नमक से अच्छी तरह धो लें। इससे उन पर लगी गंदगी और कीटाणु साफ हो जाएंगे।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
28 Apr 2026 09:21 am
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