
पैरों में सूजन को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
Swollen Feet Causes: शाम होते-होते जूते तंग लगने लगें, टखनों के आसपास सूजन दिखने लगे या पैरों में भारीपन महसूस हो, तो कई लोग इसे थकान या ज्यादा देर खड़े रहने का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार पैरों में सूजन (Edema) सामान्य नहीं होती। कई बार यह दिल, किडनी या लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकती है।
NHS और Mayo Clinic के अनुसार, शरीर के ऊतकों में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने से सूजन पैदा होती है। यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है, लेकिन सबसे ज्यादा पैरों, टखनों और पंजों में दिखाई देती है।
लंबी यात्रा, ऑफिस में घंटों बैठकर काम करना या लंबे समय तक खड़े रहना पैरों में तरल पदार्थ जमा होने का कारण बन सकता है। यह आमतौर पर अस्थायी समस्या होती है।
गर्भावस्था के दौरान शरीर में तरल पदार्थ की मात्रा बढ़ जाती है। इसके कारण पैरों और टखनों में सूजन दिखाई दे सकती है।
बहुत अधिक नमक खाने से शरीर पानी रोककर रखता है, जिससे पैरों में सूजन आ सकती है।
ब्लड प्रेशर, हार्मोन थेरेपी, स्टेरॉयड या कुछ दर्द निवारक दवाएं भी सूजन का कारण बन सकती हैं।
दिल की कमजोरी (Heart Failure)-American Heart Association के अनुसार, जब दिल शरीर में खून को प्रभावी ढंग से पंप नहीं कर पाता, तो तरल पदार्थ पैरों, टखनों और पंजों में जमा होने लगता है। यदि सूजन के साथ सांस फूलना, जल्दी थकान होना, वजन अचानक बढ़ना, रात में सांस लेने में परेशानी हों तो सावधान हो जाएं। ये हार्ट फेल्योर के संकेत हो सकते हैं।
किडनी की बीमारी- किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर निकालने का काम करती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है।
लिवर की बीमारी- लिवर सिरोसिस जैसी स्थितियों में भी पैरों और पेट में सूजन हो सकती है।
नसों की समस्या- यदि पैरों की नसें खून को सही तरीके से ऊपर नहीं पहुंचा पातीं, तो पैरों में सूजन विकसित हो सकती है।
Mayo Clinic और NHS के अनुसार निम्न स्थितियों में मेडिकल सलाह लेना जरूरी है:
ये संकेत ब्लड क्लॉट, हार्ट फेल्योर या किसी अन्य गंभीर समस्या से जुड़े हो सकते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
12 Jun 2026 11:48 am
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