
लंबे हवाई सफर के बाद क्या आपके पैरों और टखनों में भी सूजन आ जाती है, जानें किन लोगों को खतरा ज्यादा- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Leg Swelling After Flying Hindi: अगर आपने कभी लंबी फ्लाइट या बस-ट्रेन का सफर किया है, तो शायद गौर किया होगा कि सफर खत्म होते-होते जूते थोड़े टाइट लगने लगते हैं या पैरों में हल्की सूजन आ जाती है। अक्सर लोग इसे थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ बैठे रहने से पैर क्यों सूज जाते हैं? मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, हवाई यात्रा के दौरान पैरों में सूजन आना एक बहुत ही आम बात है। ज्यादातर मामलों में यह कोई गंभीर बीमारी नहीं होती, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह एक बड़े खतरे की घंटी भी हो सकती है। आइए सोफर हेल्थ इंस्टीट्यूट (Soffer Health Institute) से समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है, किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए और इससे बचने के तरीके क्या हैं।
जब आप हवाई जहाज में सफर करते हैं, तो घंटों एक ही जगह पर पैर लटकाकर बैठे रहते हैं। मेयो क्लिनिक के मुताबिक, जब आप लंबे समय तक बैठे रहते हैं और पैर हिलाते-डुलते नहीं हैं, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण आपके पैरों की नसों में खून जमा होने लगता है। जब हम चलते-फिरते हैं, तो पैरों की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और खून को वापस दिल की तरफ पंप करने में मदद करती हैं। लेकिन घंटों बैठे रहने से यह पंपिंग सिस्टम धीमा पड़ जाता है, जिससे तरल पदार्थ (Fluid) पैरों और टखनों के ऊतकों (Tissues) में इकट्ठा हो जाता है। फ्लाइट के अंदर हवा का दबाव (Cabin Pressure) और नमी का स्तर सामान्य से कम होता है, जो शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
अगर सूजन सिर्फ हल्की है और दोनों पैरों में बराबर है, तो यह सामान्य है। लेकिन अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं;
सोफर हेल्थ इंस्टीट्यूट (Soffer Health Institute) के अनुसार, फ्लाइट हो या कोई भी लंबा सफर, आप कुछ छोटी-छोटी आदतों को अपनाकर अपने पैरों को सूजन से बचा सकते हैं;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
27 Jul 2026 12:58 pm
Published on:
27 Jul 2026 12:58 pm
