पानी हमारे शरीर की जरूरत है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है। कई बार हम ठंडा तो कभी गर्म पानी भी पीते हैं। अगर आप नियमित रूप से गर्म पानी के सेवन करते हैं तो उससे होने वाले नुकसान के बारे में भी जानना जरूरी है। आयुर्वेद में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि गर्म पानी का सेवन किसे करना चाहिए और किसे नहीं।
पानी हमारे शरीर की जरूरत है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है। कई बार हम ठंडा तो कभी गर्म पानी भी पीते हैं। अगर आप नियमित रूप से गर्म पानी के सेवन करते हैं तो उससे होने वाले नुकसान के बारे में भी जानना जरूरी है। आयुर्वेद में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि गर्म पानी का सेवन किसे करना चाहिए और किसे नहीं।
किडनी व रक्तचाप पर असर
गर्म पानी का अधिक सेवन रक्तचाप और किडनी पर असर डालता है। किडनी के रोगियों को इसलिए गर्म पानी पीने की सलाह बिल्कुल नहीं दी जाती। गर्म पानी शरीर में पित्त की मात्रा बढ़ाता है, जिससे रक्तचाप भी बढ़ता है। अधिक गर्म पानी पीना दांतों के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है।
इन बीमारियों न पीएं
बेहोशी, चक्कर आना, उल्टी, पित्त बढऩा, खुजली (एग्जिमा), शरीर में जलन, मुंहासे, नकसीर, बवासीर, तिल्ली बढ़ी होना, पीलिया, पेट व लिवर संबंधी बीमारियों में गर्म पानी का सेवन न करें।
वजन घटाना है तो...
सोने से पहले गुनगुना पानी पीते हैं तो वजन नियंत्रित होता है। इससे मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है। थायरॉइड में फायदेमंद रहता है। खांसी, दमा और बुखार को खत्म करता है। ज्यादा गर्म पानी न पीएं। गुनगुना पानी ही पीएं।
ये नियमित पी सकते
आयुर्वेद के अनुसार, दमा, खांसी, हिचकी, जुकाम, वायु रोग, गले में जकडऩ, पेट में आफरा, बुखार, पेट में जकडऩ आदि रोगों से ग्रसित व्यक्ति गुनगुना पानी पी सकते हैं। इस समय यानी बसंत ऋतु में शरीर में कफ की मात्रा बढ़ जाती है। इसलिए इस समय गर्म पानी का सेवन फायदेमंद रहता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।