किडनी का मुख्य काम शरीर के दूषित पदार्थों को बाहर निकालना है। यह शरीर में मौजूद अधिक पानी को दूषित पदार्थों के साथ बाहर निकालती है। गर्मी में अधिक पानी पसीना के रूप में निकल जाता है। इससे शरीर में मौजूद दूषित पदार्थ गाढ़े हो जाता हैं। इसलिए किडनी में स्टोन बनने की समस्या बढ़ जाती है। इसका मुख्य कारण अधिक कैल्शियम है।

किडनी का मुख्य काम शरीर के दूषित पदार्थों को बाहर निकालना है। यह शरीर में मौजूद अधिक पानी को दूषित पदार्थों के साथ बाहर निकालती है। गर्मी में अधिक पानी पसीना के रूप में निकल जाता है। इससे शरीर में मौजूद दूषित पदार्थ गाढ़े हो जाता हैं। इसलिए किडनी में स्टोन बनने की समस्या बढ़ जाती है। इसका मुख्य कारण अधिक कैल्शियम है।
गर्मी का दुष्प्रभाव क्यों
जब शरीर का तापमान 104 डिग्री फॉरेनहाइट से अधिक होता है तो डिहाइड्रेशन में होने लगता है। शरीर का तापमान नियंत्रित रखने वाला सिस्टम फेल होने लगता है। इससे गुर्दे पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। गुर्दे काम करना बंद कर देते हैं।
स्टोन बनने की वजह
जब शरीर में पानी की कमी होती है तो शरीर में लवण व जहरीले रसायन की सांद्रता बढऩे लगती है। यही किडनी में जमा होने लगते हैं। दूसरी तरफ कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक पीने से रसायन और सक्रिय हो जाते हैं। इससे ही किडनी स्टोन, पेन, बार-बार मूत्र आने का अहसास, मूत्र का रंग काफी गहरा हो जाना, मूत्र त्याग के समय दर्द-जलन व दबाव, कई बार मूत्र के साथ रक्त व झाग आदि आने लगते हैं। ऐसा होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
गर्मी में ठंडक, बुखार, कमजोरी, थकान, हार्मोन स्तर में कमी, हाथ-पैर, टखने, चेहरे में सूजन आदि किडनी संबंधित रोग के कारण हो सकते हैं। इसी प्रकार पीठ के निचले हिस्से में दर्द जो जांघ तक जाए तो भी जांच जरूरी है। खून में यूरिया का स्तर बढऩे से भी ऐसा होता है।
ऐसे करें बचाव
3-4 लीटर या 12 से 15 गिलास पानी पीएं। तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। तरबूज, खरबूजा, खीरा, सलाद व छाछ आदि ज्यादा लें। घर में बना ताजा-सादा खाना खाएं, जंक फूड और कार्बोनेटेड पेय पदार्थ से परहेज करें। एक दिन में 4 ग्राम से अधिक नमक न खाएं। गहरे रंग की सब्जियां खाएं, इनमें मैग्नीशियम ज्यादा होता है। इससे किडनी ठीक से काम करती है। पेन किलर अपने मन से न लें।