
मूंगफली, गेहूं, मोठ, चना, उड़द, बाजरा, ज्वार, सोयाबीन व दाना मेंथी को अंकुरित किया जा सकता है। अंकुरण के लिए इन्हें साफ कर दोगुने पानी में छह से आठ घंटे पानी में भिगोएं। इसके बाद सूती कपड़े में बांधकर रख दें। आठ-दस घंटे में अंकुरित हो जाएगा। ताजा ही खाएं। एक इंच से बड़ा अंकुरण न खाएं। इसमें हानिकारक तत्व बढने लगते हैं।
पाचन में सुधार आता : अंकुरित अनाज में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन ए, बी, सी, ई, फॉस्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इससे पाचन में सुधार आता है। शरीर में ऊर्जा को बढ़ाता है। यह एंटी एजिंग, फर्टिलिटी में फायदेमंद है।
विटामिन सी युक्त चीजें लें : विटामिन सी युक्त चीजें नींबू, धनिया, टमाटर, प्याज भी मिलाएं। इससे पाचन सही रहेगा।
पित्त ज्यादा बनता हो तो प्रयोग न करें : ऐसे लोग जिनका पाचन खराब रहता हो, एसिडिटी, पित्त ज्यादा बनता हो, कच्ची डकारें आती हों वह इसे न लें। नियमित खाने से नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद मिलती है। कॉलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार है। विषैले तत्वों को बाहर निकालता है।
- डॉ. किरण गुप्ता, वरिष्ठ चिकित्सक, प्राकृतिक चिकित्सालय, जयपुर