आइये जानें अजवाइन व इसके पत्तों के गुण व प्रयोग के तरीके व इससे होने वाले फायदों के बारे में।
रसोई का बेहद अहम मसाला मानी जाती है अजवाइन। पेट से जुड़े रोगों के अलावा माइग्रेन के इलाज में भी यह उपयोगी है। अजवाइन के दानों के आलावा इसके पत्तों का प्रयोग कई तरह के रोगों से बचाव करने के लिए किया जाता हैं। आइये जानें अजवाइन व इसके पत्तों के गुण व प्रयोग के तरीके व इससे होने वाले फायदों के बारे में।
विटामिन-ए व सी के अलावा अजवाइन के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होता है। इसलिए इसे धनिए की पत्ती की तरह कच्चा चबा सकते हैं। कालीमिर्च, तुलसी, इलायची और अजवाइन के पत्तों को पानी में उबालकर बनाए गए काढ़े को पीने से मौसमी रोग नहीं होते।
इससे पेट संबंधी समस्याएं व खांसी-जुकाम जल्दी नहीं होता है।
अजवाइन के पत्ते खाने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं। इन पत्तों में बढ़ती उम्र के असर को कम करने की क्षमता होती है। इनकी सब्जी या पकौड़े बनाकर भी खा सकते हैं।