
बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों का कमजोर होना,उचित व्यायाम और खानपान में आवश्यक पोषक तत्त्वों के अभाव से जोड़ों की तकलीफ बढ़ती है। इससे कई बार दैनिक क्रिया में भी दिक्कतें आती हैं। दवाओं के उपयोग से इस दर्द से कुछ समय के लिए आराम मिलता है पर प्राकृतिक तरीके से आराम के लिए जरूरी पोषक तत्वों से युक्त आहार के साथ कुछ योगासनों के नियमित अभ्यास करें। इससे जोड़ों के दर्द से राहत मिल सकती है।
जानुशीर्षासन
पैरों को सामने की ओर सीधे फैलाते हुए बैठें। रीढ़ की हड्डी सीधी रखें। बायां घुटना मोड़ते हुए बाएं पैर के तलवे को दाहिनी जांघ के पास रखें। गहरी सांस भरें। हाथों को उठाएं, दाहिनी तरफ देखें। सांस छोड़ते हुए कूल्हों के जोड़ से आगे झुकें। पैरों के अंगूठों को पकड़ें। कोहनी जमीन पर लगाएं।
तितली आसन
दोनों पैरों को मोड़कर बैठें। पीठ बिल्कुल सीधी रखें। घुटने मोड़ें और उसे बाहर की तरफ रखें। तलवे और पैरों की अंगुलियां एक-दूसरे से अच्छी तरह मिलनी चाहिए। हाथों से पैरों की अंगुलियों को पकड़ें। तितली के पंखों की तरह जांघों को धीरे-धीरे हिलाएं। शुरुआत में पैर पूरी तरह से जमीन पर नहीं पहुंचता है लेकिन लगातार अभ्यास से पैर जमीन को छूने लगेंगे।