गुड़ की तासीर गर्म होती है। गुड़ का नियमित सेवन करने से सर्दी से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है।
सर्दी के मौसम में गुड़ खाने का अपना महत्व होता है। गुड़ की तासीर गर्म होती है। गुड़ का नियमित सेवन करने से सर्दी से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है। आयुर्वेद के अनुसार गुड़ जल्दी पचने वाला, खून बढ़ाने वाला व भूख बढ़ाने वाला होता है।
बैठा गला: गुड़ के साथ पकाए चावल खाने से बैठा हुआ गला व आवाज खुलती है।
अस्थमा: गुड़ और काले तिल के लड्डू खाने से सर्दी में अस्थमा परेशान नहीं करता है।
जुकाम: अगर जुकाम जम गया हो तो गुड़ को पिघला कर उसकी पपड़ी बना कर खिलाएं।
कान दर्द: गुड़ और घी मिला कर खाने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।
पेट में गैस: खाने के बाद गुड़ लेने से पेट में गैस नहीं बनती है।
पीलिया: पांच ग्राम सौंठ, दस ग्राम गुड़ के साथ लेने से पीलिया में लाभ होता है।
मेमोरीः गुड़ का हलवा खाने से मेमोरी भी बढ़ती है।