Ghee daily limit: घी हमारे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। घी का सेवन करने से हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है। ये शरीर में बहुत सारी बीमारियों को दूर करता है। साथ ही साथ इसके सेवन से मानसिक और शारीरिक विकास दोनों तेजी के साथ होते हैं। इसलिए चलिए जानते हैं कि एक्सपर्ट्स का घी के प्रयोग के बारे में क्या कहना है।

नई दिल्ली। बिना घी के हमारे भारतीय व्यंजन बिल्कुल फीके हैं, क्योंकि जब भी त्योहार या किसी भी प्रसंग में हम मीठाई या पकवान बनाते हैं तो घी बहुत मायने रखता है। हम हर चीज को एक सीमित मात्रा (Ghee daily limit) तक इस्तेमाल कर सकते हैं। चलिए जानते हैं कि रोजाना घी का इस्तेमाल कितना कर सकते हैं।
हम भारतीय अधिकतर हर चीजों में घी का प्रयोग जरुर करते हैं, क्योंकि हमारा मानना ये होता है कि बिना घी के खाने का वो स्वाद नहीं होता, जो घी डालने के बाद एक अलग ही टेस्ट आ जाता है। भारत के हर घर में घी आसानी से मिल जाता है। हम कुछ भी मीठा हो जैसे मिठाई उसमें घी का प्रयोग अवश्य करते हैं। वहीं घर में बने सिंपल खाने में भी घी का यूज़ करते हैं जैसे दाल, चावल, रोटी आदि।
घी बच्चों और बूढ़ों के लिए अच्छा होता है। जैसे कि बच्चों की हाइट बढ़ने और मानसिक विकास होने में घी मदद करता है। वहीं बूढ़ों के लिए ये एक औषिधि के रूप में काम करता है, जैसे कि हड्डियां मजबूत रखता है और ताकत प्रदान करता है ताकि उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत न आए। साथ ही साथ शरीर में अंगों के काम करने के तरीकों में भी सुधार लेकर आता है, लेकिन घी बहुत फायदेमंद तो है पर इसके कुछ नुकसान भी है।
यदि इसका ज्यादा उपयोग कर लिया तो पेट में दर्द हो सकता है, मोटापा भी बढ़ता है और वहीं धमनियों में वसा भी जमा हो सकती है। रुजेता दिवेकर जो कि सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट हैं उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर घी को सही तरीकों से उपयोग करने के बारे में बताया है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
घी का प्रयोग खाने में टेस्ट को बढ़ाने के लिए किया जाता है। घी के अलावा हम मक्ख़न का भी उपयोग करते हैं। भारत के साथ-साथ और भी देशों में मक्खन और घी का प्रयोग करना बढ़ा दिया है। रुजेता का कहना है कि खाने के ऊपर डिपेंड करता है कि घी का इस्तेमाल कितना करना है। जैसे कि बाजरे की रोटी है तो उसमें घी का प्रयोग थोड़ा ज्यादा कर सकते हैं। वहीं दाल-चावल है तो ज्यादा घी का उपयोग न करें। उनका कहना है कि जितना खाने की जरूरत हो उतना ही प्रयोग करें, क्योंकि अधिक घी डालने से खाने का टेस्ट बदल सकता है और ये बीमारी का कारण भी बन सकता है।
अपने बच्चों के भोजन में घी का उपगयोग लाभदायी हो सकता है। बच्चों के खाने में दो चम्मच घी का प्रयोग करने से उनकी ग्रोथ और मानसिक विकास को बढ़ने में मदद करेगा।
घी का पोषण मूल्य
आयुर्वेद में घी का उपयोग खाने के अलावा बीमारियों को ठीक करने में भी किया जाता है। घी में विटामिन A, E और D भरपूर मात्रा में होता है। इसके अलावा इसमें ओमेगा -3 एस, लिनोलिक एसिड और ब्यूटिरिक एसिड भी पाया जाता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
घर का बना घी ही खाएं
आप गाय या भैंंस किसी के भी दूध के घी का प्रयोग कर सकते हैं। बच्चों के लिए आमतौर पर गाय के दूध का घी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। कोशिश करें कि घर का बना घी ही खाएं, क्योंकि बाजार के घी हमेशा शुद्ध और रासायनिक मुक्त नहीं होते हैं। घी को त्वचा में लगाने से त्वचा कोमल हो जाती है।