निष्क्रिय जीवनशैली से कमर के आसपास चर्बी बढऩा, मोटापा, कोशिकाओं की सूजन, पैदल चलने में कठिनाई, रीढ़ की हड्डी में दर्द को बढ़ा सकता है। साथ ही मांसपेशियों और हाथ-पैर कमजोर, त्वचा संबंधी समस्याएं और मेटाबोलिज्म सिंड्रोम, उच्च रक्तचाप, रक्त में शर्करा व कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढऩा शुरू होता है।

शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए 30 मिनट सुबह पैदल चलें, डांस, कार्डियो एक्सरसाइज करें। नियमित 30-60 मिनट शारीरिक गतिविधि करें। नियमित 10 हजार कदम चलेंगे तो कई बीमारियों से बचेंगे। डब्ल्यूएचओ के अनुसार सप्ताह में 75 मिनट अधिक मेहनत वाली शारीरिक गतिविधि करें। सप्ताह में दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें। याददाश्त व एकाग्रता बढ़ती है। 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग सप्ताह में 150 मिनट पैदल चलें। नियमित हल्के व्यायाम जरूर करें। निष्क्रिय जीवनशैली वाले बुजुर्गों में कई बार दिशाभ्रम की समस्या हो जाती है। छोटी-छोटी बातें और निर्देश भूल जाते हैं।
काउच पोटेटो जीवनशैली से बाहर निकलें
घंटों टीवी देखने, कभी-कभी या बिलकुल शारीरिक गतिविधि न करने को आरामतलब जीवनशैली या काउच पोटेटो कहते हैं। दिन में अधिकतर समय बैठे रहना, मोबाइल देखना, वीडियो गेम्स खेलना, घंटों कंप्यूटर का उपयोग करने वालों को सेहत संबंधी दिक्कतें होती हैं।
डॉ. एम. वली, सीनियर फिजिशियन, सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली