यदि आप फिट रहना चाहते हैं तो रोजाना सुबह के समय नियमित आधे से एक घंटे तक योग-व्यायाम करना चाहिए। इससे शरीर में गर्माहट रहती है और रोग प्रतिरोधकता भी बढ़ती है। यदि आप बुजुर्ग हैं तो सुबह सैर, योग-प्राणायम कर सकते हैं। इससे जहां शरीर में गर्माहट रहेगी वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी। यदि आप हार्ट व हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो धूप निकलने के बाद ही सैर आदि के लिए बाहर निकलें।
खानपान में ये बदलाव करें
खानपान में बदलाव भी जरूरी हैं। मौसमी फल, सूखे मेवे ज्यादा खाएं। अनार, मौसमी, संतरा, चुकंदर, अनानास खानपान में शामिल करें। इनका नियमित इस्तेमाल से एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं। अदरक, कच्ची हल्दी, लौंग, इलायची, तुलसी का ज्यादा प्रयोग करें। इनमें एंटीबायोटिक, एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। इसके अलावा बाजरा, गुड़, घी, टमाटर, मिक्स वेज सूप पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। साथ ही शहद, आंवला, एलोवेरा के प्रयोग से भी रोग प्रतिरोधकता मजबूत होती है। फेफड़े, किडनी, जोड़ों संबंधी तकलीफ में आराम मिलता है।
क्या कहता है आयुर्वेद
सूजन, गठिया की तकलीफ में शहद, अदरक, एलोवेरा जूस लें। गुड़, काली-मिर्च, पीपली पाउडर का काढ़ा पीने से सर्दी में आराम मिलता है। टमाटर में लहसुन, तुलसी, अदरक, हींग, जीरा मिश्रित सूप पीएं। अखरोट खाएं, कोलेस्ट्रॉल कम होगा, फाइबर और प्रोटीन भी मिलेगा। नियमित च्यवनप्राश खाएं, पाचन ठीक रहेगा और भरपूर ऊर्जा मिलेगी। सर्दी में गजक, गोंद गुड़-तिल और मिक्स दाल के लड्डू खाएं। यदि किसी को कोई बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह पर डाइट लें।