जबलपुर

Health Tips : मौसमी फलों से अच्छी रहेगी सेहत, जानें सर्दी के मौसम क्या खाएं…

Health Tips : मौसमी फलों से अच्छी रहेगी सेहत, जानें सर्दी के मौसम क्या खाएं...

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Nov 18, 2019
स्वस्थ रहना है तो इन बातों पर दें ध्यान- food for winter season

जबलपुर. ऋतु परिवर्तन के दौर में लोगों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। वहीं प्रकृति की कोख में कई मौसमी फल तैयार हो गए हैं, जिन्हें खाने से स्वाद के साथ शरीर को पौष्टिक आहार प्राप्त हो रहा है। फल आहार ही नहीं बल्कि आषधियों में उपयोगी हैं। इनमें अधिक खास हैं देसी फल। आसपास उगने वाले जंगली पेड़ों के फलों के माध्यम से लोग वर्षों से बीमारियों से लड़ रहे हैं। इस सीजन की हरी पत्तेदार सब्जियां भी पौष्टिक होती हैं।

जानते हैं फलों की खासियत
अमरूद- भोजन के एक घंटे बाद पका अमरूद अवश्य खाएं। पेट के अधिकांश रोग इससे दूर होते हैं। अमरूद खाने से आंत साफ होती है। पेट हल्का लगता है। अमरूद की चटनी भी खाइए।
गाजर- पेट के रोगियों के लिए वरदान है गाजर। अमरूद से भी अच्छा, देशी गाजर चबाकर खाना चाहिए। गाजर खाने व पालक रस पीने से आंखों के रोग दूर भागते हैं।
आंवला- अमृततुल्य होता है। यह रसायन औषधि है जो बुढ़ापा की व्याधियों का कम करता है। कच्चे आंवला की चटनी या दाल में डालकर खाइए। आंवला सम्पूर्ण शरीर का पोषण करता है। दांत, आंख, बाल, रक्त के लिए सर्वश्रेष्ठ औषधि है।
सीताफल- सीताफल की तासीर ठंडी होती है। इसलिए धूप रहते दिन में ही खाइये, नहीं तो सर्दी जुकाम का डर होगा। यह उत्तम कैल्शियम और ऊर्जादायक होता है।
सिंघाड़ा- सिंघाड़ा हड्डियों को मजबूत करता है। महिलाओं पुरुषों दोनों के लिए बहुत लाभदायक होता है। सिंघाड़े के आटा से देसी घी में बना हलवा महिलाओं के गर्भाशय को पुष्ट करता है।

मूंगफली- कच्ची मूंगफ ली में प्राकृतिक प्रोटीन प्राप्त करने का उत्तम स्त्रोत है। सर्दी के सीजन में इससे गठियावात सहित कई बीमारियों में फायदा प्राप्त होता है।
खजूर- सीजन में साउदी अरब से खजूर की खूप आ रही है। रक्त वर्धक, पौष्टिक, बलवर्धक खजूर अवश्य खाइए, सूखे खजूर छुहारे के रूप में मिलते हैं जो कि दूध में उबालकर खाए जाते हैं।
बेर, नींबू- बेर अरुचि को दूर करती है। स्वादिष्ट, पौष्टिक और भूख बढ़ाने में उपयोगी होती है। नींबू में विटामिन सी की मात्रा पर्याप्त होती है।
पपीता- पपीता से पाचन तंत्र सुधरता है। जिन्हें पित्त विकार हैं, उन्हें पपीता नहीं खाना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी पपीता नहीं खाना चाहिए।
केला- केला में कैल्शियम, मैग्निशियम, जिंक जैसे पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। पेचिस में केला फायदमंद है, लेकिन अधिक मात्रा में खाने से पाचन क्रिया प्रभावित होती है।

विशेषज्ञों की राय
सर्दी के मौसम के फलों में अनेक औषधीय तत्व होते हैं। कुछ फलों को दोपहर बाद नहीं खाना चाहिए। ये मौसम खाने का है। फल और सब्जियों का सेवन पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए।गैस के रोगी मूली के पत्तों की भाजी बनाकर खाएं तो बहुत लाभ होगा। कमजोर, अनेक रोगों से ग्रस्त लोग बथुआ की भाजी रोज खाएं। धनिया पत्ती, पुदीना पत्ती, लेडी पीपल, सेंधा नमक, अमरूद, आंवला, मुनगा की पत्तियां, हरि मिर्च की चटनी खाएं तो अनेक रोग दूर रहेंगे। सर्दियों में त्वचा खुश्क हो जाती है इसलिए तिल गुड़ मूंगफली की पट्टी फायदेमंद है।
-वैद्य गणेश विश्वकर्मा

शरद ऋतु के बाद हेमंत और शिशिर ऋतु आएगा। प्रकृति ने मौसम की व्याधियों को दूर करने के लिए मौसमी फल और सब्जियां दी हैं। सर्दी के मौसम में अग्नि प्रदीप्त रहती है। हम जो खाते हैं वह सुगमता से पच जाता है। फलों का सेवन दोपहर तक ही करना बेहतर है। पौष्टिक आहार हमें मौसम के संक्रमण से लडऩे की शक्ति प्रदान करता है। घृत युक्त भोजन, तिल, गुड़, मंूगफली का नियमित सेवन करना चाहिए।
डॉ. जीडी द्विवेदी, सम्भागीय आयुष अधिकारी

Published on:
18 Nov 2019 09:38 am
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