
एंटीऑक्सीडेंट युक्त नारियल पानी से बीपी नियंत्रित और अन्य बीमारियों में फायदा मिलता है। विटामिन्स, मिनरल्स, ग्लूकोज से भरपूर बनाना शेक इलेक्ट्रोलाइट संतुलन, बीपी नियंत्रण और हड्डियों के लिए फायदेमंद है। चुकंदर, सेब, पपीता, खीरा, अनार से दिनभर तारोताजा रहेंगे। Navratri Fast करते समय उचित खानपान रखेंगे तो शरीर को भी इसका पूरा फायदा होगा। Deep Fried, तेज मसालेदार लेने से पित्त बढ़ सकता है। बुखार व अन्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए कोशिश संतुलित आहार लेने की करें।
तला-भुना, तेज मसालेदार न लें
व्रत के दौरान लोग संतुलित खानपान पर ध्यान नहीं देते हैं। इससे शरीर में अग्नि मंद हो जाती है। व्रत का उद्देश्य पित्त कम कर हल्का व सुपाच्य खाकर सेहतमंद रहना है। व्रत में उचित खानपान से सेहत को मजबूत कर सकते हैं। Deep Fried, तेज मसालेदार लेने से शरीर में पित्त की वृद्धि हो सकती है। बुखार व अन्य समस्याएं हो सकती हैं,जरूरी है कि संतुलित आहार लें। भोजन में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जिनमें फाइबर अधिक और वसा की मात्रा कम हो। भोजन हल्का व सुपाच्य हो।
डिहाइड्रेशन से बचें
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए एनर्जी युक्त तरल पदार्थ लेने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। खानपान का ध्यान न रखने से व्रत के बाद डिहाइड्रेशन, बदहजमी, सिरदर्द व चक्कर आने जैसी दिक्कत हो सकती है।
व्रत से पूर्व हल्का खाना
व्रत से एक दिन पहले हल्की डाइट लें। रात को खाने में फल, खिचड़ी, दलिया ले सकते हैं। बीमार हैं तो व्रत से पहले डॉक्टरी परामर्श ले सकते हैं। हर दो घंटे में तरल-पदार्थ लेते रहें। मधुमेह रोगी ज्यादा देर खाली पेट न रहें। चार-पांच चीजें एकसाथ खाने के बजाय दो-तीन घंटे के अंतराल में थोड़ा-थोड़ा खाएं।
बाजार से रेडीमेड पैक्ड फूड से बचें
बाजार में व्रत के लिए उपलब्ध केले व आलू के चिप्स, रेडीमेड आहार न लें। मात्रा से ज्यादा चीनी, तली-भुनी चीजें, पुड़ी न खाएं। पित्त बढ़ता है।
नमक का रखें ख्याल
व्रत में सामान्य नमक नहीं लेते हैं, सेंधा नमक लें। इसमें पोटैशियम की मात्रा ज्यादा व सोडियम की मात्रा कम होती है। किडनी की बीमारी में मात्रा से ज्यादा सेंधा नमक न लें। कुट्टू व सिंघाड़े का आटा शरीर के पाचन तंत्र को बढ़ाता और हाई बीपी में लाभदायक है। इसमें 70-75 प्रतिशत कार्ब व 20-25 प्रतिशत प्रोटीन होता है। व्रत में कुट्टू के इस्तेमाल से कमजोरी महसूस नहीं होती है। विटामिन-ई युक्त ड्राई फ्रूट्स लें।
एक्सपर्ट —डॉ. कृतिका जितेंद्र जोशी, आयुर्वेद विशेषज्ञ, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर