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नट्स खाने से नहीं बढ़ता वजन, कंट्रोल रहती है डायबिटीज, स्टडी में साबित

Benefits of eating nuts : यदि आप पोषण के साथ—साथ वजन कंट्रोल करना चाहते हैं, तो ट्री नट्स आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, पिस्ता और बादाम जैसे मेवे खाने से पेट की चर्बी नहीं बढ़ती है, बल्कि ये बेहतर वजन प्रबंधन में मदद करते हैं और ऊर्जा का अधिक कुशल स्रोत हैं।
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Updated: 12 Feb 2024, 1:39 PM IST
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ट्री नट्स में कैलोरी और वसा की मात्रा अधिक होती है, इसलिए एक आम गलत धारणा बनी हुई है कि नट्स खाने से वजन बढ़ता है। लेकिन विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि रोजाना पिस्ता जैसे ट्री नट्स हैल्दी फूड माना गया है, इससे बॉडी में एनर्जी बनी रहती हैं। अमरीका में वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने 84 युवा वयस्कों (22-36 वर्ष) के बीच यह शोध किया है। अध्ययन में प्रतिभागियों को अपने आहार या जीवनशैली की आदतों में कोई अन्य बदलाव किए बिना अंतर देखने को मिला। शोधकर्ताओं ने महिलाओं के लिए मेटाबॉलिक सिंड्रोम के जोखिम में 67 प्रतिशत की कमी और जोखिम में 42 प्रतिशत की कमी देखी गई।


इसके अलावा महिला प्रतिभागियों में यह इस बात के सबूत थे कि मिश्रित ट्री नट्स खाने से कमर की परिधि (पेट की चर्बी) कम हो गई, जो मेटाबॉलिक सिंड्रोम, मधुमेह और हृदय रोग के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है। पुरुष प्रतिभागियों में इस बात के सबूत थे कि मिश्रित ट्री नट्स खाने से रक्त में इंसुलिन का स्तर कम हो गया, जो एक अन्य महत्वपूर्ण जोखिम कारक था। टीम ने कहा कि ट्री नट्स खाने वाले प्रतिभागी कार्बोहाइड्रेट स्नैक की तुलना में ऊर्जा के लिए वसा का अधिक कुशलता से उपयोग करने में सक्षम थे, जो यह बता सकता है कि पिस्ता जैसे ट्री नट्स खाने वाले समूह ने अध्ययन अवधि के दौरान शरीर का वजन या शरीर में वसा क्यों नहीं बढ़ाया। पेपर न्यूट्रिएंट्स जर्नल में प्रकाशित हुआ।


हमने अध्ययन को विशेष रूप से शरीर के वजन पर ट्री नट्स खाने के स्वतंत्र प्रभावों की जांच करने में सक्षम बनाने के लिए डिजाइन किया है। अध्ययन में यह भी साबित हुआ कि प्रतिभागियों ने 16-सप्ताह के दौरान जितनी कैलोरी खाई, वह प्रत्येक दिन खर्च की गई कैलोरी की मात्रा से मेल खाती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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