डाइट फिटनेस

तनाव, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल में फायदेमंद है सौंफ, जानें इसके अन्य फायदे

सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीसेप्टिक गुण भी मौजूद होते हैं। जानें इसके बारे में-
2 min read
Nov 07, 2020
तनाव, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल में फायदेमंद है सौंफ, जानें इसके अन्य फायदे
तनाव, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल में फायदेमंद है सौंफ, जानें इसके अन्य फायदे

सौंफ में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो स्वस्थ रहने के लिए बहुत जरूरी होते हैं. सौंफ में कैल्शियम, सोडियम, आयरन और पोटैशियम जैसे कई खनिज तत्व पाए जाते हैं, ठंडी तासीर वाली सौंफ को मुंह का स्वाद बढ़ाने के अलावा औषधि के रूप में भी विभिन्न रोगों के इलाज में प्रयोग करते हैं। ये खास पौधे के सुगंधित और स्वादिष्ट बीज होते हैं। मीठी, कसैली और कड़वे स्वाद वाली सौंफ में कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, पोटैशियम, विटामिन-ए व सी और डायट्री फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीसेप्टिक गुण भी मौजूद होते हैं। जानें इसके बारे में-

बादाम, सौंफ और मिश्री को समान मात्रा में पीस लें. रोज रात को और दोपहर में खाना खाने के बाद इसका सेवन करने से स्मरण शक्त‍ि बढ़ती है. वात-पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित रखती है। खाली पेट सौंफ खाने से खून साफ होता है और त्वचा में चमक आती है. आंखों की रोशनी बढ़ाने, पाचन सुधारने के साथ बदहजमी, कब्ज, एसिडिटी व अधिक प्यास की समस्या में गुणकारी है। यह माउथ फे्रशनर है। तनाव, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल घटाती है। सौंफ के उबले पानी और सूप के सेवन से पेट फूलने की समस्‍या से राहत मिलती है और ये वजन घटाने में भी सहायत है। सौंफ के बीजों का इस्‍तेमाल दर्द निवारक के रूप में भी किया जा सकता है। सूजन कम करने में भी सौंफ असरकारी है।

इस्तेमाल : सौंफ को पीसकर आप इसके पाउडर का सेवन चाय में भी कर सकते हैं। सौंफ को चाय में डालने से चाय का काफी अच्छा स्वाद आएगा। सौंफ को ज्यादा पकाने से इसके गुण नष्ट हो जाते हैं। हालांकि तवे पर हल्का सेंक सकते हैं। इसे भिगो-ेकर या खाद्य सामग्री के पकने के बाद डालें। इसे साबुत के अलावा चूर्ण या चाय में या पानी में भिगोकर भी ले सकते हैं। सौंफ के बीजों का आचार बनाने में भी उपयोग होता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
07 Nov 2020 11:51 pm
Published on:
07 Nov 2020 11:51 pm