डाइट फिटनेस

गर्मी के मौसम में पेट में होने वाली बीमारियों में कारगर हैं ये घरेलू नुस्खे

खानपान का ध्यान और घरेलू नुस्खों को अपनाकर इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है। जानते हैं इन नुस्खों के बारे में-
2 min read
• •
Updated: 4 Jul 2020, 11:11 PM IST
गर्मी के मौसम में पेट में होने वाली बीमारियों में कारगर हैं ये घरेलू नुस्खे
stomach diseases

गर्मी में पेटदर्द, एसिडिटी, कब्ज, गैस, बदहजमी होना आम है। खानपान का ध्यान और घरेलू नुस्खों को अपनाकर इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है। जानते हैं इन नुस्खों के बारे में-

पेटदर्द - चावल का पानी यानी मांड का प्रयोग पेटदर्द दूर करने के लिए किया जाता है। पुदीने के पत्तों को चबाकर खाने से भी पेट दर्द में राहत मिलती है। इसे 3-5 मिनट तक पानी में उबालने के बाद छालकर इसमें शहद मिलाकर गुनगुना ही पीएं। एक टी स्पून सौंफ को चबाकर खाएं। गर्भवती महिलाएं इसे न खाएं। पेट दर्द की समस्या अधिक बढ़े तो गर्म पानी में नींबू का रस पीने से भी दर्द में आराम मिलता है।

कब्ज - कब्ज की स्थिति में गुड़ खा सकते हैं। चाहें तो पानी या चाय में मिलाकर भी ले सकते हैं। रात को डिनर के बाद गुड़ खाने से कब्ज की समस्या नहीं रहती है। खाने के बाद वॉक जरूर करें, इससे कब्ज की स्थिति नहीं बनती है। एक टेबल स्पून ऑलिव ऑयल सुबह खाली पेट लें, चाहें तो इसमें एक टी स्पून नींबू का रस भी मिला सकते हैं। इसमें संतरे का जूस लेना भी फायदेमंद होता है।

गैस - दालचीनी की चाय बनाकर पीएं। इससे आराम मिलता है। सोंठ, सौंफ और इलायची के दानों को समान मात्रा में लेकर पीस लें। एक कप पानी में इस पाउडर की एक टी-स्पून मात्रा और चुटकीभर हींग मिलाकर दिन में एक या दो बार पीएं। अदरक की चाय दिन में दो-तीन बार पीने से गैस नहीं बनती है।

बदहजमी - बदहजमी के दौरान छिलका सहित सेब खाएं, राहत मिलेगी क्योंकि इसमें फाइबर होता है। संतरा खाना फायदेमंद है। एक टी स्पून दालचीनी पाउडर को उबालकर गुनगुना पीने से बदहजमी और इसके दर्द से राहत मिलती है। अन्नानास का रस भी इसमें राहत दिलाता है।

एसिडिटी - एसिडिटी होने पर पका केला खाएं। इसमें पोटेशियम होने के कारण पीएच अधिक होता है ये एसिडिटी को खत्म करता है। तुलसी के पत्ते चबाने से पेप्टिक एसिड के प्रभाव कम होता है। जीरा चबा-चबाकर खाएं या फिर पानी में उबालकर ठंडा होने पर पीएं। लौंग चबाने से भी एसिडिटी में आराम मिलता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on: