रेकॉर्ड में हेरफेर करने वाले तहसीलदार, सरपंच-सचिव पर एफआइआर दर्ज कराने कोर्ट ने दिए निर्देशडिंडौरी. शहपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम बांकी में एक महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर जमीन को खुर्द-बुर्द करने का मामला प्रकाश में आया था। मामले में हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए राजस्व सचिव को विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा […]
रेकॉर्ड में हेरफेर करने वाले तहसीलदार, सरपंच-सचिव पर एफआइआर दर्ज कराने कोर्ट ने दिए निर्देश
डिंडौरी. शहपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम बांकी में एक महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर जमीन को खुर्द-बुर्द करने का मामला प्रकाश में आया था। मामले में हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए राजस्व सचिव को विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन तहसीलदार के साथ ही शहपुरा की ग्राम पंचायत बांकी के सरपंच और सचिव सहित एक अन्य पर अपराध दर्ज करने के लिए कहा है। न्यायालय के आदेश से प्रशासनिक हलके में हडक़ंप मचा है।
ये है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार 2016 में बांकी निवासी कलावती बाई अपनी रिश्तेदारी में उत्तर प्रदेश गई थी। उसे अधिक समय तक वहां रहना था, इसलिए उसने अपने नाम पर दर्ज 3.6 हेक्टेयर जमीन देखरेख के लिए मौखिक तौर पर गांव की सुलोचना साहू को दे दी थी। कलावती जब काफी दिनों तक गांव वापस नहीं लौटी तो सुलोचना साहू के नाम पर बैक डेट में फर्जी एग्रीमेंट बनवाया गया। सरंपच-सचिव ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया, जिसके आधार पर 20 जनवरी 2017 को कलावती के नाम पर दर्ज भूमि सुलोचना साहू के नाम पर चढ़ा दी गई। नामांतरण की कार्रवाई तत्कालीन तहसीलदार एससीएस परते ने किया था।
प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई
कुछ दिनों बाद कलावती जब तीर्थ यात्रा से वापस लौटी, तब उसे इस षड्यंत्र की जानकारी लगी। कलावती ने इसे लेकर तत्कालीन शहपुरा एसडीएम वीके कर्ण की अदालत में आवेदन लगाया, लेकिन 17 मई 2018 को एसडीएम ने भी उसके आवेदन को खारिज कर दिया। संभागीय कमिश्नर के यहां भी कलावती की सुनवाई नहीं हुई।