रोग और उपचार

ये पॉइंट दबाने से सांस और कफ की समस्या में होगा फायदा

जब श्वास नली के छिद्र सुकड़ जाएं और श्लेष्मा भर जाने के कारण छिद्र बंद हो जाएं तो वायु नियमित रूप से नहीं आ पाती है। यह दमा कहलाता है। सर्दी में यह समस्या बढ़ जाती है।
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Dec 24, 2019
ये पॉइंट दबाने से सांस और कफ की समस्या में होगा फायदा
acupressure points for asthma

श्वास की नली से हवा फेफड़ों में पहुंचती है। जब श्वास नली के छिद्र सुकड़ जाएं और श्लेष्मा भर जाने के कारण छिद्र बंद हो जाएं तो वायु नियमित रूप से नहीं आ पाती है। यह दमा कहलाता है। सर्दी में यह समस्या बढ़ जाती है।

ये पॉइंट दबाएं : कॉलर बोन के ठीक नीचे सीने पर व कंधे के नीचे पीठ पर। कंधों के ठीक नीचे पीठ पर निकली हुई हड्डी पर प्रेशर दें। इससे कब्ज, छींक व मांसपेशियों की जकड़न जैसी समस्या में आराम मिलता है।

हथेली और कलाई के जोड़ पर बिल्कुल केंद्र में जो पॉइंट है उस पर प्रेशर दें। गले की खराश, सांस की तकलीफ और कफ में आराम मिलता है।

अंगूठे के नीचे के बिंदु पर 1 मिनट तक अुंगली से तेज दबाव बनाएं। इससे फेफड़ों को आराम मिलता है। दमा के रोगियों को हल्का भोजन करना चाहिए। सोने से 3 घंटे पहले भोजन करना चाहिए। शहद व लहसुन का सेवन लाभदायक है। रोगी को विटामिन सी लेना चाहिए। प्रतिदिन 8—10 गिलास पानी पीना चाहिए।

ये भी करें : तीन अंजीर दूध में उबालकर रोज खाएं। आठ खजूर खाकर गर्म पानी पीने से कफ बाहर निकलता है। तीन छुआरे रात को दूध में उबालें। गुनगुना दूध पीएं। छुआरे को चबाकर खाएं। इसके साथ पानी न पीएं। इससे कफ कम होता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
24 Dec 2019 02:32 pm