
अल्जाइमर एक दिमागी बीमारी है। इसमें व्यक्ति को पहचानने, लोगों के नाम व जरूरी काम भूलने और सोचने-समझने की क्षमता खत्म हो जाती है। उम्र बढ़ने के साथ यह बीमारी बढ़ती है।
कारण : अल्जाइमर का मुख्य कारण अज्ञात है। कुछ मनोचिकित्सकों का मानना है कि दिमाग की कुछ कोशिकाओं की उम्र बढ़ने के साथ कोशिका डेड होने के कारण ब्रेन में कुछ संदेश पहुंचने में गड़बड़ी होना रोग का कारण हो सकता है। यह समस्या आनुवांशिक भी हो सकती है। घर में किसी बुजुर्ग में लक्षण नजर आएं तो नजरअंदाज न करें। साइकोलॉजिस्ट के पास ले जाएं क्योंकि समय बढ़ने के साथ रोग की गंभीरता बढ़ती है।
इलाज: इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता है। लेकिन कुछ दवाओं से रोग को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
अल्जाइमर के संकेत - अल्जाइमर में मरीज की याद्दाश्त चली जाती है। इसका असर मरीज के मानसिक स्थिति और चीजों व लोगों को पहचानने की क्षमता पर भी पड़ता है। अल्जाइमर के मरीज के व्यवहार में बदलाव आने लगते हैं, जैसे गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन होना, अपने शब्दों को दोहराना, बेचैनी होना, एकाग्रता में कमी होना, बेवजह कहीं भी घूमते रहना और खो जाना, रास्ता भटकना, मूड में बदलाव, अकेलापन, मनोवैज्ञानिक समस्याएं जैसे डिप्रेशन, हैल्यूसिनेशन या पैरानोइया भी हो सकती हैं।