रोग और उपचार

कोरोना वायरस: ‘सबसे खराब स्थिति के लिए भारत तैयार’

हम कोरोनावायरस से बहुत बुरी तरह से प्रभावित अन्य विकसित देशों जैसी स्थिति होने की उम्मीद नहीं करते हैं, फिर भी हमने भारत को सबसे खराब स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रखा है।
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May 09, 2020
कोरोना वायरस: 'सबसे खराब स्थिति के लिए भारत तैयार'
Coronavirus: 'India ready for worst case scenario'

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा कि हम कोरोनावायरस से बहुत बुरी तरह से प्रभावित अन्य विकसित देशों जैसी स्थिति होने की उम्मीद नहीं करते हैं, फिर भी हमने भारत को सबसे खराब स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रखा है। हर्षवर्धन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए, पूर्वोत्तर राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान कोरोनावायरस संकट को दूर करने के लिए शमन प्रयासों पर कहा कि देश में मृत्यु दर लगभग 3.3 प्रतिशत है और कोरोनावायरस रोगियों के ठीक होने की दर 29.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है और बहुत अच्छे संकेत हैं।

हर्षवर्धन ने कहा, "पिछले तीन दिनों से मामलों के दोगुना होने की दर लगभग 11 दिन रही है। पिछले सात दिनों से मामलों को दोगुना होने की दर 9.9 दिन रही है और पिछले 14 दिनों में यह आज 10.7 है .. हम अन्य विकसित देशों की तरह भारत के लिए सबसे खराब स्थिति होने का अनुमान नहीं करते हैं, फिर भी हमने पूरे देश को सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रखा है।"

गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल द्वारा की गई प्रेस वार्ता में दिए गए बयान के बाद स्वास्थ्य मंत्री की यह टिप्पणी आई है। अग्रवाल ने कहा था कि हमें वायरस के साथ जीना सीखना होगा।

हर्षवर्धन ने कहा कि वर्तमान में 843 अस्पताल कोरोना रोगियों के उपचार के लिए विशेष रूप से समर्पित हैं, जिनमें लगभग 1,65,991 बेड हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में कोरोना मरीजों को समर्पित 1,991 स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनमें 1,35,643 बेड हैं। इनमें आइसोलेशन के साथ-साथ आईसीयू बेड भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश भर में 7,645 संगरोध केंद्र हैं। हमने विभिन्न राज्यों की सरकारों को 69 लाख एन-95 मास्क वितरित किए हैं। केंद्र द्वारा राज्य सरकारों को कुल 32.76 लाख पीपीई वितरित किए गए हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
09 May 2020 07:44 pm