रोग और उपचार

Deep Sleep: अगर आप भी लेते हैं अत्यधिक नींद, तो हो जाएं सावधान!

गहरी नींद में सोए हैं और लगता है कि मोबाइल फोन बज रहा है। हम हड़बड़ाकर उठ जाते हैं। पता चलता है कि फोन नहीं अलार्म बज रहा था। ऐसा भी होता है कि हम देर रात तक किसी से बात करते हैं लेकिन दूसरे दिन हमें याद नहीं रहता। विशेषज्ञों के अनुसार हर सात में से एक व्यक्ति के साथ ऐसा होता है।  

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Jun 09, 2023

गहरी नींद में सोए हैं और लगता है कि मोबाइल फोन बज रहा है। हम हड़बड़ाकर उठ जाते हैं। पता चलता है कि फोन नहीं अलार्म बज रहा था। ऐसा भी होता है कि हम देर रात तक किसी से बात करते हैं लेकिन दूसरे दिन हमें याद नहीं रहता। विशेषज्ञों के अनुसार हर सात में से एक व्यक्ति के साथ ऐसा होता है।

नींद का नशा Deep sleep
न्यूरोलॉजी जर्नल के अनुसार यह 'स्लीप ड्रंकननेस डिसऑर्डर' (नींद का नशा) है। इसे भ्रामक उत्तेजना भी कहते हैं। गहरी नींद से जागने पर जब हम कंफ्यूज होते हैं तो यह समस्या होती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हैल्थ के अनुसार ऐसा तब होता है, जब हमें नॉन रेपिड आई मूवमेंट स्लीप यानी गहरी नींद से जबरन उठा दिया जाए।

इतनी नींद जरूरी
खानपान की तरह नींद भी जरूरी है। बच्चे को जन्म से लेकर एक साल की उम्र तक करीब 15-16 घंटे सोना जरूरी है। प्रेग्नेंट महिला को रात में 7 घंटे के अलावा दिन में एक से डेढ़ घंटे सोना चाहिए। वयस्कों को 6-8 घंटे सोना चाहिए। बढ़ती उम्र में मेलाटोनिन जैसे हार्मोन कम निकलते हैं, इसलिए बुजुर्गों को नींद ना आने की समस्या होती है, फिर भी उनके
लिए 9 घंटे सोना जरूरी होता है।

विशेषज्ञ की राय
डॉ. श्रीकांत शर्मा के अनुसार, पीडि़त जल्दबाजी नहीं करें। उठने के बाद थोड़ा टाइम लें। हो सके तो करीब उठने के आधा घंटा बाद अपने रूटीन के अनुसार काम करें।

उठने के बाद लें टाइम
जिन लोगों को नींद के नशे से उबरने में ज्यादा समय लगता है, उन्हें डॉक्टरी परामर्श लेना चाहिए। इस भ्रामक उत्तेजना के दौरान लोगों को हिंसक होते देखा गया है। ड्राइवर व पायलट जैसे पेशे से संबंधित लोगों को अगर नींद से अचानक उठा दिया जाए तो उन्हें ड्यूटी संभालने के लिए कम से कम 15 मिनट इंतजार करना चाहिए वर्ना उनकी असावधानी से अनजाने में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। अच्छी नींद लेना चाहते हैं तो तनाव न लें। सोने से पहले दिनभर की चिंताओं को छोड़ दें और गैजेट्स से दूरी बनाएं। कॉफी या अल्कोहल ना लें। योगा, संगीत या डांस क्लास से भी नींद की समस्या में सुधार होता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
09 Jun 2023 02:27 pm
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