रोग और उपचार

Ear pain: कान के पर्दे में संक्रमण से बढ़ता है सूजन व दर्द

Ear pain: अचानक कान में तेज दर्द, बुखार व कान को हाथ लगाकर रोते रहना। सुनाई कम देने के साथ असहज महसूस करना। कई बार समस्या बढ़ने पर कान से मवाद या पानी निकलना जिससे दर्द में कमी का अहसास होता है।

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Jul 02, 2019
Ear pain: अचानक कान में तेज दर्द, बुखार व कान को हाथ लगाकर रोते रहना। सुनाई कम देने के साथ असहज महसूस करना। कई बार समस्या बढ़ने पर कान से मवाद या पानी निकलना जिससे दर्द में कमी का अहसास होता है।

Ear pain: जुकाम की समस्या से कान में दर्द व संक्रमण होने के कारण कान में दर्द की समस्या होती है। कान में दर्द बच्चों को ज्यादा परेशान करता है।

वजह : बच्चों में कान व नाक की संरचना नाजुक होती है ऐसे में मौसम का बदलाव इनके बीच स्थित यूस्टेशियन ट्यूब के कार्य को बाधित करता है। इस कारण कान के पर्दे के पीछे विपरीत असर होने से सूजन आती है व बच्चा दर्द से अचानक रोने लगता है। इसके अलावा कान में किसी प्रकार की चोट, गले व साइनस की तकलीफ या एडेनॉइड टिश्यू का बढऩा भी रोग को जन्म देता है। कुछ बच्चों में एलर्जी के कारण जुकाम भी इंफेक्शन को बढ़ाता है। इस स्थिति में कई बार माता-पिता कान में तेल डाल देते हैं, जो गलत है। इससे समस्या और बढ़ सकती है।

लक्षण : अचानक कान में तेज दर्द, बुखार व कान को हाथ लगाकर रोते रहना। सुनाई कम देने के साथ असहज महसूस करना। कई बार समस्या बढ़ने पर कान से मवाद या पानी निकलना जिससे दर्द में कमी का अहसास होता है।

इलाज : एंटीबायोटिक दवाओं के अलावा एंटीकोल्ड और दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं। जुकाम होने की स्थिति में नेजल ड्रॉप देते हैं। रात के समय यदि बच्चा दर्द से ज्यादा परेशान हो तो फस्र्टएड के रूप में दर्दनिवारक दवा दे सकते हैं और सुबह विशेषज्ञ से संपर्र्क करें।

ऐसे करें बचाव -
कान में पानी न जाने दें।
जुकाम को बढ़ने न दें। इसका तुरंत इलाज करवाएं।
धूल-धुएं के संपर्क में आने से बचें।
खुद से कान की सफाई करने का प्रयास न करें।
कान में तेल न डालें।

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Published on:
02 Jul 2019 08:07 am
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