रोग और उपचार

Food Intolerance: फूड इंटॉलरेंस से हैं परेशान ताे ऐसे करें बचाव

Food Intolerance: हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाजार के अशुद्ध व बासी, डिब्बा बंद, प्रोसेस्ड व केमिकल युक्त चीजों से लोगों में पाचन संबंधी रोग जैसे- फूड एलर्जी, सेंसिटिविटी और इंटॉलरेंस की समस्या लगातार बढ़ रही है। जो पेट, सांस व त्वचा रोगों का कारण बनती हैं...

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Mar 03, 2020
Food Intolerance Causes, symptoms and prevention Tips
Food Intolerance: फूड इंटॉलरेंस से हैं परेशान ताे ऐसे करें बचाव

Food Intolerance in Hindi: हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाजार के अशुद्ध व बासी, डिब्बा बंद, प्रोसेस्ड व केमिकल युक्त चीजों से लोगों में पाचन संबंधी रोग जैसे- फूड एलर्जी, सेंसिटिविटी और इंटॉलरेंस की समस्या लगातार बढ़ रही है। जो पेट, सांस व त्वचा रोगों का कारण बनती हैं। फूड इंटॉलरेंस के ज्यादातर मामले डेयरी प्रोडक्ट्स या ग्लूटेन से जुड़े हैं। लेकिन कुछ मामलों में यह विभिन्न फूड्स से भी हो सकता है। आइए जानते हैं पाचन संबंधी रोगों के बारे में कुछ खास:-

लक्षण
पेट में दर्द, पेट फूलना, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, डायरिया, थकान, माइग्रेन, एकाग्रता में कमी या जोड़ों में दर्द आदि समस्याएं होती हैं। इससे ऑटोइम्यून डिजीज भी होती हैं। इसके दुष्प्रभाव से इंफर्टिलिटी भी हो सकती है। लक्षणों की अनदेखी न करें।

एलर्जी से अलग है
फूड इंटॉलरेंस व फूड एलर्जी में अंतर है। दोनों में किसी फूड से शरीर की इम्युनिटी प्रभावित होती है। फूड एलर्जी सेंसिटिविटी से जुड़ी है जिसका असर तुरंत होता है। इससे अस्थमा जैसा दौरा, होठ सूजना व शरीर पर लाल चकत्ते उभरते हैं। वहीं फूड इंटॉलरेंस धीमी प्रतिक्रिया है जिससे कम / ज्यादा बुरा असर होता है।

जांच व इलाज
ब्लड टैस्ट से 210 तरह के फूड ग्रुप (रेड, येलो और ग्रीन) का पता चलता है। लैब टैस्ट के साथ रोगी की मेडिकल हिस्ट्री देखते हैं। इलाज के लिए जिस फूड से परेशानी है उससे परहेज करें। लक्षणों के आधार पर मरीज को दवाएं व अच्छी डाइट देते हैं।

बचाव
किसी खास फूड से परेशानी होने पर उसे अपनी रसोई से बाहर निकाल देना अच्छा रहेगा। इसके अलावा बाजारी खाने से दूर रहें।

Published on:
03 Mar 2020 07:10 pm