
Health Tips: सेहत और खान-पान के प्रति लापरवाही आपको गंभीर बीमारी का शिकार बना सकती है। हेपेटाइटिस को पीलिया की सेकंड स्टेज माना जाता है। यदि इसे गंभीरता से न लिया जाए तो यह व्यक्ति को किडनी संबंधी रोग, सिरोसिस ऑफ लिवर या जलोदर की प्रॉब्लम हो सकती है। आइए जानते हैं इस बीमारी से जुड़े आयुर्वेदिक उपायों के बारे में...
आयुर्वेदिक चूर्ण:
पुनर्नवा जड़, मकोय, बड़ा गोखरू, रोहड़े की छाल, कालमेघ पंचांग व चिरायता को 50-50 ग्राम लें व इसमें 25 ग्राम कुटकी मिलाकर चूर्ण बना लें। इसे एक-दो चम्मच आठ घंटे के अंतराल से दिन में दो बार सामान्य पानी से लें। छोटे बच्चों को आधा चम्मच ही दें। ऎसा एक माह तक करें। लाभ मिलेगा।
नारियल पानी और जूस:
दिन में 2-3 बार नारियल पानी पीएं। लौकी, सेब व गन्ने का रस लेने से लिवर की सूजन ठीक होती है।
एलोवेरा जूस: 200 मिलिलीटर जूस दिन में 2-3 बार लें।
परहेज
इस बीमारी में दवाओं के साथ परहेज बेहद जरूरी है। ऎसा न करने पर दवाएं अपना काम ठीक से नहीं कर पाती और बीमारी वैसे ही बनी रहती है। उड़द, हींग, सरसों का तेल, घी, तेज मिर्च-मसाले, खट्टे पदार्थ, जंक फूड व नशीले पदार्थो का सेवन न करें।
Web Title: Health Tips: Must try these Ayurvedic remedies in Hepatitis