रोग और उपचार

Health Tips: गले की खराश में आराम देगा तुलसी का पानी

Health Tips: बारिश के मौसम में और सर्दियों में खांसी, जुकाम के अलावा गले में दर्द, सूजन व खराश आदि की समस्या आम है
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Updated: 17 Sep 2021, 11:10 PM IST
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Health Tips: बारिश के मौसम में और सर्दियों में खांसी, जुकाम के अलावा गले में दर्द, सूजन व खराश आदि की समस्या आम है। थोड़ी सावधानी बरतकर साथ ही कुछ उपायों को अपनाकर इसमें राहत पायी जा सकती है।

क्या हैं प्रमुख कारण
कई बार वायरस और बैक्टीरिया के कारण गले में संक्रमण हो जाता है। इससे गले में दर्द, सूजन, खांसी, चुभन, निगलने में परेशानी आदि होने लगती है। इसके अलावा इस मौसम में ठंडे पेय, अधिक खट्टे, तले-भुने, प्रिजर्वेटिव फूड, एलर्जी व दांतों की साफ-सफाई न रखने से भी यह समस्या हो सकती है।

इनका रखें ध्यान
शरीर के विषैले पदार्थ गले में खराश को अधिक बढ़ा देते हैं। इसलिए इन्हें बाहर निकालने के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थ लें। प्यास लगने पर गुनगुना पानी ही पिएं।
अधिक चिकनाईयुक्त व मसालेदार चीजों से परहेज करें। इनकी जगह सूजी का गर्म हलवा, उपमा, ओट्स आदि खाएं।दही, छाछ या अन्य ठंडे पेय पदार्थ बिल्कुल न लें।
धूम्रपान, तंबाकू व शराब आदि से पूरी तरह परहेज करें।

ये उपाय भी कारगर
तुलसी का पानी: गले की परेशानियों के लिए तुलसी काफी प्रभावी है। इसकी कुछ पत्तियों को पानी के साथ उबाल लें। फिर ठंडा कर माउथ वॉश की तरह इस पानी से दिन में 3-4 बार गरारे करें।

अदरक है असरदार:

खांसी, जुकाम व गले की परेशानी के लिए अदरक काफी फायदेमंद मानी जाती है। इसके रस को शहद में मिलाकर दिन में 2-3 बार लिया जा सकता है। चाय में डालकर या फिर पानी में थोड़ी चीनी व अदरक डालकर उबालें। धीरे-धीरे इस गर्म पेय को पिएं।

नमक का पानी करेगा काम:

गले में हल्का दर्द या खराश महसूस होते ही चुटकीभर नमक मिले गुनगुने पानी के हर तीन घंटे पर गरारे शुरू कर दें। आराम मिलेगा।

हल्दी वाला दूध:

दूध में थोड़ी हल्दी डालकर उबालें व इसे रात को सोते समय पिएं। याद रहे इसके बाद पानी आदि न पिएं। यदि प्यास लगे तो थोड़ी देर बाद गुनगुना पानी लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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