रोग और उपचार

शरीर और पानी के तापमान में अंतर से भी आता बाथरूम स्ट्रोक

Bathroom Stroke: सर्दियों में तापमान कम होने से बाथरूम स्ट्रोक के मामले बढ़ जाते हैं। बाथरूम में नहाते वक्त जैसे ही सिर पर ठंडा पानी पड़ता है तो ब्रेन में एड्रेनलिन हार्मोन (तापमान को नियंत्रित करता है) तेजी से रिलीज होकर ब्लड प्रेशर बढ़ाता है...

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Oct 19, 2019
How do you prevent a stroke in the bathroom?
शरीर और पानी के तापमान में अंतर से भी आता बाथरूम स्ट्रोक

Bathroom Stroke in Hindi: सर्दियों में तापमान कम होने से बाथरूम स्ट्रोक के मामले बढ़ जाते हैं। बाथरूम में नहाते वक्त जैसे ही सिर पर ठंडा पानी पड़ता है तो ब्रेन में एड्रेनलिन हार्मोन (तापमान को नियंत्रित करता है) तेजी से रिलीज होकर ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। इससे दिमाग में रक्तसंचार तेज होने से ब्रेन स्ट्रोक आता है। शरीर व पानी के तापमान में असंतुलन से सिर का हिस्सा तेजी से एक्टिव होकर स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है।

बुजुर्गों को खतरा
बुजुर्गों में बाथरूम स्ट्रोक का खतरा अधिक है। 60 पार लोगों में दिमागी कोशिकाएं कमजोर होती हैं। ऐसे में ब्लड प्रेशर के बढ़ते ही धमनियों में रक्तसंचार तेज होने से अचानक थक्का जम जाता है। सर्दियों में नहाते वक्त ठंडा और गरम पानी मिलाकर नहाना चाहिए ताकि दिमाग को शरीर का तापमान संतुलित करने के लिए एड्रेनलिन हार्मोन अधिक रिलीज न करना पड़े।

देरी, कोमा का खतरा
ब्रेन स्ट्रोक होने पर रोगी को जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए वर्ना खून का थक्का दिमाग की अन्य कोशिकाओं व हिस्से तक पहुंच सकता है। ऐसे में व्यक्ति के कोमा में जाने का खतरा ७० फीसदी अधिक हो जाता है। अचानक कोई बाथरूम में बेहोश हो जाए तो उसे भी हल्के में न लें। इसके कई कारण हो सकते हैं और देरी करने पर जान भी जा सकती है।

सीटी स्कैन बताता नुकसान
स्ट्रोक का रोगी जब अस्पताल पहुंचता है तो सीटी स्कैन जांच कर स्ट्रोक से दिमाग को हुए नुकसान का पता लगाते हैं। इसके बाद इलाज शुरू किया जाता है।

3 घंटे में पहुंचे अस्पताल
बाथरूम स्ट्रोक होने पर रोगी को 3 घंटे में अस्पताल पहुंचाएं। जान बचाने के लिए टीपीए इंजेक्शन देते हैं। इसके लगने के 3 घंटे बाद सिर में प्रवाहित खून पतला होने के साथ खून का थक्का धीरे-धीरे खत्म हो जाता है।

अंतिम उपाय ऑपरेशन
ब्रेन स्ट्रोक या बाथरूम स्ट्रोक की स्थिति में रोगी को इंजेक्शन व दवा देकर खून का थक्का खत्म कर राहत दिलाते हैं। शुरुआती 24 घंटे अहम हैं। थक्का खत्म न हो तो सर्जरी करते हैं। हालांकि इससे ये तय नहीं होता कि रोगी पूरी तरह ठीक हो जाएगा।


सावधानी ( How do you prevent a stroke in the bathroom? )
- सर्दियों में नहाने के बाद कुछ देर धूप में बैठें। खुले में नहाने से शरीर को नुकसान हो सकता है। बीमार या कमजोरी है तो ठंडे पानी से न नहाएं। स्ट्रोक आने पर तुरंत रोगी को डॉक्टर के पास ले जाएं।

- पहले हाथ-पैर पर डालें पानी, इससे ब्लड प्रेशर संतुलित बना रहेगा।

- सर्दियों में नहाते वक्त ठंडा व गरम पानी एकसाथ प्रयोग में लें। शरीर-दिमाग का तापमान बरकरार रहेगा।

Published on:
19 Oct 2019 05:06 pm