
थायरॉइड ग्लैंड तितली के आकार की होती है। गले के निचले भाग में स्थित यह ग्रंथि शरीर में थाइरॉक्सीन हार्मोन पैदा करती है। यह हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। थॉयराइड डिसऑर्डर से पहले शरीर में ऐसे कई लक्षण देखने को मिलते हैं जो इस बीमारी के बारे में आगाह करते हैं। आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में...
थायरॉइड डिसऑर्डर से संबंधित बीमारियां भारत में तेजी से पैर पसार रही हैं। इंडियन जरनल ऑफ एंडीक्राइनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित आलेख के अनुसार भारत में चार करोड़ 20लाख से ज्यादा लोगों को थायरॉइड है। इसमें सबसे ज्यादा रोगी हाइपोथायरॉइज्म, हाइपरथायरॉइज्म, आयोडीन डेफिशिएंसी डिसऑर्डर और हाशिमोटो थायरॉइडिटिज के हैं।
अमरीकन एसोसिएशन ऑफ क्लीनिकल एंडोक्राइनोलॉजिस्ट के अनुसार महिलाओं को थायरॉइड डिसऑर्डर की आशंका पुरुषों से दस गुना ज्यादा होती है। थायरॉइड से निकलने वाले हार्मोन को ट्राओडोथाइरोनिन या टी 3, थाइरोक्सिन या टी 4 कहा जाता है।
इन लक्षणों से पहचानें थायरॉइड डिसऑर्डर
भरपूर नींद के बाद भी खुद को थका-थका महसूस करती हैं।
यूं ही परेशान और चिंतित रहती हैं।
आपकी भूख पहले की तुलना में एकदम से बहुत बढ़ गई है।
आप अपने सूंघने और स्वाद महसूस करने की क्षमता में उतार चढ़ाव महसूस कर रही हैं।
आपका मस्तिष्क चीजों पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस कर रहा है।
यौन जीवन में आपकी रूचि कम या खत्म हो गई है।
आपकी स्किन पहले की तुलना में ज्यादा ड्राई रहने लगी है।
आपके आवाज में किसी तरह का बदलाव आया है।
आपको कब्ज रहने लगी है और पाचन प्रणाली में कोई परेशानी महसूस कर रही हों।
मासिक धर्म अनियमित हो गया है।
आपके मसल्स जैसे एडि़यों और पंजों में ऐसा दर्द रहता हो मानो आपने बहुत ज्यादा काम किया हो।
आपका ब्लड पे्रशर हाई रहता हो।
आपकी नींद पहले की तुलना में बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
आपका वजन तेजी से बढ़ रहा हो।
बाल झड़ने या पतले हो गए हैं।
आसानी से गर्भधारण नहीं कर पा रही हैं।
कोलेस्ट्रॉल एकदम से बढ़ गया है।