रोग और उपचार

इन नेचुरल तरीकों से ठीक होगी फेफड़ों और बलगम की समस्या

नैचुरोपैथी में कुंजल क्रिया के अलावा लपेट विधि और भाप लेने की प्रक्रियाओं से फेफड़ों को राहत मिलने से बलगम से छुटकारा मिल सकता है। जानते हैं इन क्रियाओं को करने का तरीका और होने वाले लाभ के बारे में-
2 min read
• •
Oct 12, 2019
इन नेचुरल तरीकों से ठीक होगी फेफड़ों और बलगम की समस्या
lung and cough disease symptoms and treatment

बदलते मौसम के कारण बुखार, जुकाम और खांसी की समस्या आम हो गई है। ऐसे में कुछ लोगों को बुखार आदि से कुछ समय बाद आराम तो हो जाता है लेकिन खांसी बरकरार रहती है। ऐसे में नैचुरोपैथी में कुंजल क्रिया के अलावा लपेट विधि और भाप लेने की प्रक्रियाओं से फेफड़ों को राहत मिलने से बलगम से छुटकारा मिल सकता है। जानते हैं इन क्रियाओं को करने का तरीका और होने वाले लाभ के बारे में-

भाप लेना -
ऐसे करें : एक बर्तन में पानी भरकर नीलगिरी के तेल की कुछ बूंंदें इसमें डालें। इस पानी को इतना गर्म कर लें कि भाप लेने में दिक्कत न आए। अच्छे से गर्म होने के बाद तौलिया सिर पर लेकर चेहरे के आगे तक ऐसे लटका लें कि भाप नाक से सीधी सीने में महसूस हो। इस दौरान बीच-बीच में सामान्य सांस लें।
ये न करें : सांस लेने में दिक्कत या एलर्जी की समस्या है तो इसे करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें। साथ ही यदि सिरदर्द या माइग्रेन है तो भी ध्यान रखें।
फायदे : इससे फेफड़े खुलेंगे और सांसनली और आसपास जमा कफ बाहर निकलेगा। खांसी में लाभ होगा।

पट्टी विधि -
ऐसे करें : गर्म पानी से 5-10 मिनट के लिए भाप लें। उसके बाद सीने या फेफड़े की तरफ शरीर के बाहर से सूती या ऊनी कपड़े को 30 मिनट के लिए हल्के रूप से लपेट दें ताकि भाप से शरीर में गई गर्मी अंदर बरकरार रहे।
ये न करें : हाल ही पेट या फेफड़े से जुड़ी कोई सर्जरी हुई हो या पेट व सीने में दर्द की समस्या हो तो इस क्रिया को करने से बचें। दोपहर के खाने के 5 घंटे बाद इसे करें।
फायदे : इस विधि से शरीर के अंदरुनी हिस्सों में जमा ठंड के कारण कफ पिघलकर निकलेगा।

कुंजल क्रिया -
ऐसे करें: सुबह खाली पेट इसे करना चाहिए। इसके लिए एक बर्तन में करीब एक या डेढ़ लीटर पानी गुनगुना गर्म कर लें। कागासन यानी उकडूु बैठकर इस पानी को पीएं। पेट भरने के बाद खड़े होकर नाभि से 90 डिग्री का कोण बनाते हुए आगे की तरफ झुकें। बायां हाथ पेट पर रखें व दाएं हाथ की 2-3 अंगुलियों को मुंह में जीभ के पिछले भाग तक ले जाकर घुमाएं। इससे उल्टी होगी। ऐसा तब तक करें जब तक साफ पानी बाहर न निकले।
ये न करें : हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों के मरीजों को इस प्रक्रिया से परहेज करना चाहिए।

ध्यान रखें ये बातें : कुंजल विधि को खाली पेट करें। इन क्रियाओं को सुबह-शाम कर सकते हैं। खांसी की गंभीर समस्या मेें नियमित गरारे करें। भाप लेने के 5मिनट बाद ही ठंडा पानी पीएं। इन प्रक्रियाओं को किसी प्रशिक्षित की देखरेख में ही करें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
12 Oct 2019 03:16 pm