
कम्युनिटी ओरिएन्टेड प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ रियुमेटिक डिजीज द्वारा जोड़ों के दर्द और बीमारियों के सम्बंध में एशिया-पैसेफिक रीजन में किए एक शोध के मुताबिक जोड़ों में होने वाले दर्द में घुटनों के दर्द का प्रतिशत सर्वाधिक 13.2 है। इस अध्ययन ने एक और भ्रांति दूर की है कि यह समस्या सिर्फ वृद्धों में ही पाई जाती है, अध्ययन के दौरान पाया गया कि 18.2 प्रतिशत युवा भी जोड़ के रोगों से प्रभावित हो रहे हैं।
घुटने में दर्द की कई वजहें होती है। लिगामेंट्स का क्षतिग्रस्त हो जाना भी घुटने में दर्द पैदा होने की एक बड़ी वजह है। इनमें से कुछ प्रमुख हैं-आर्थराइटिस, रीयूमेटाइड, आस्टियोआर्थराइटिस और गाउट जैसी तकलीफों से दर्द होता है।टेन्टीनाइटिस में घुटने में सामने की ओर दर्द होता है। यह दर्द सीढिय़ों अथवा चढ़ाव पर चढ़ते और उतरते समय बढ़ जाता है। यह धावकों और साइकिल चलाने वालों को ज्यादा होता है।घिसा हुआ कार्टिलेज या उपास्थि भी घुटने में दर्द की वजह होती है। इसे मेनिस्कस टियर भी कहा जाता है। इस समस्या के दौरान घुटने के जोड़ के अंदर की ओर या बाहर की ओर दर्द पैदा हो सकता है।चोट लगना और फ्रेक्चर होने जैसी समस्याएं भी घुटने की हालत खराब कर सकते हैं। इन सबके अलावा नीकैप के खिसकने, जोड़ में संक्रमण जैसी समस्याओं से भी घुटने में स्थाई दर्द हो सकता है।
ऐसे करें नी केयर
- कैल्शियम को अपने भोजन का हिस्सा बनाइए।
- सेंट जॉन मेडिकल कॉलेज, बैंगलोर में हुए शोध में सामने आया कि हल्दी के नियमित इस्तेमाल से जोड़ो के दर्द में राहत मिलती है और जोड़ लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं।
- घुटने से जुड़े व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाइए। धीरे-धीरे साइकिल चलाना एक अच्छा विकल्प है लेकिन यह घुटने की तकलीफ होने से पहले का परामर्श है। दर्द का सामना कर रहे लोगों को इससे बचना चाहिए।
- अपनी क्षमता से ज्यादा वजन उठाने से बचें। ऐसा करके आप अपने पूरे शारीरिक ढांचे को खतरे में डाल रहे हैं। अगर आपका वजन ज्यादा है तो ये खतरे की घंटी है।