
विटामिन-डी की हाई डोज (अधिक मात्रा) शरीर को एचआईवी संक्रमण से लड़ने में मदद करने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ा सकती है। पेन स्टेट यूनिवर्सिटी में हुए शोध के अनुसार विटामिन-डी, एचआईवी-1 के खतरे को घटाने और रोग को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सामान्य व सस्ता उपाय है।
शाेध के अनुसार सूर्य की किरणों को प्राप्त कर हमारा शरीर विटामिन-डी का निर्माण करता है या फिर इस पोषक तत्त्व को हम खाद्य पदार्थों से प्राप्त करते हैं। इसकी हाई डोज हमें रक्त संबंधी कई प्रकार के संक्रमणों से लड़ने में मदद करती हैं।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि सर्दी के दिनों में धूप का स्तर कम होने से शरीर को विटामिन-डी कम मिल पाता है जिससे इस मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विशेषज्ञ मरीजों को संक्रमण से बचाव के लिए विटामिन-डी के सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं।