डूंगरपुर के चीतरी थाने में कार्यरत है एएसआई, आवास से भी मिले दो लाख रुपए नकद, मुकदमा कमजोर कराने के लिए मांगी थी रिश्वत
डूंगरपुर.चीतरी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उदयपुर के दल ने मंगलवार शाम चीतरी पुलिस थाने के एएसआई बहादुरसिंह को 19 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर लिया। ब्यूरो निरीक्षक हरिशचंद्र ने बताया कि मोदरा निवासी धनराज पुत्र मावजी डामोर ने एसीबी कार्यालय में रिपोर्ट दी, जिसमें बताया कि चीतरी पुलिस थाने में उसके खिलाफ गांव की ही एक महिला ने लज्जाभंग एवं मारपीट करने का परिवाद दर्ज कराया था। एएसआई बहादुरसिंह ने मुकदमा कमजोर करने के लिए २० हजार की राशि मांगी। ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया। दल की योजना के मुताबिक १५ अगस्त की शाम को बड़ग़ी बस स्टैंड चौराहे के समीप चाय की दुकान पर धनराज ने एएसआई को रिश्वत के १९ हजार रुपए थमाए। इशारा पाते ही ब्यूरो के दल ने उसे धर लिया।
घर से मिले दो लाख नकद
दल ने थाना परिसर में स्थित एएसआई के सरकारी आवास की तलाशी ली। इसमें दो लाख रुपए नकद मिले। हालांकि एएसआई ने यह राशि उसकी खुद की होना तथा सोमवार को बैंक से आहरित करना बताया।
पॉवर का दुरुपयोग
पीडि़त ने बताया कि उसके खिलाफ एक महिला ने लज्जा भंग का झूठा परिवाद दिया। जिसको लेकर ही पुलिकर्मी ने रिश्वत के२०हजार रुपए मांगे थे। और बोला था कि महिला ने जो परिवाद दिया है, उसे कमजोर कर दूंगा। और कार्रवाई भी ज्यादा नहीं होगी। इसके एवज में एएसआई से उससे २० हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। किसी मामले की उचित जांच न कर पद का दुरुपयों करने वाले इस पुलिसकर्मी को एसीबी से गिरफ्त में ले लिया है।
बांसवाड़ा में पुलिसकर्मी आया था शिकंजे में
कुछ माह पूर्व बांसवाड़ा में भी एक पुलिस अधिकारी एसीबी के शिकंजे में आया था। उस पर भी पीडि़त से रिश्वत लेने का आरोप था। जिस पर पीडि़त की शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते की ओर से कार्रवाई की गई थी और एएसआई को रंगे हाथों पकड़ा गया था।