डूंगरपुर. जिले में विद्युत ट्रांसफर्मर से कॉयल चुराने की बढ़ती वारदातों के बीच सोमवार को पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने ट्रांसफर्मर (डीपी) चोर गैंग का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
डूंगरपुर. जिले में विद्युत ट्रांसफर्मर से कॉयल चुराने की बढ़ती वारदातों के बीच सोमवार को पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने ट्रांसफर्मर (डीपी) चोर गैंग का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने संभाग में 100 से अधिक वारदातें करना कबूल किया। जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि जिले में बढ़ती वारदातों के मद्देनजर 20 सदस्यीय विशेष पुलिस टीम टीम बनाई। टीम ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अपने निजी वाहनों से रात्रि गश्त कर आरोपियों की छानबीन की। दो माह के बाद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली और मुखबिर से दो संदिग्ध लोगों के बारे में पता चला, जो रात्रि के दौरान कटर व अन्य औजार लेकर घुमते हैं। सूचना पर पुलिस ने सेमलघाटी निवासी श्रवण पुत्र रुमाल कनिपा व ओबरी निवासी बलवंत पुत्र भूरा कनिपा को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ डीपी चोरी की वरदातें करना कबूला। इस पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
दिन में रैकी, रात में वारदात
एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी फलौज वागेला फला निवासी राजू पुत्र दादू डीपी की चोरियां करता था। उसने अपने ही रिश्तेदारों व दोस्तों की गैंग बनाई। यह गैंग दिन भर सामान बेचने के नाम पर गांवों में घुमकर रैकी करती थी।
रात में सभी एक जगह एकत्रित होते और गांवों की डीपी के बारे में जानकारी देते थे। इसके बाद योजना बनाकर अलग-अलग टीमें वारदात के लिए निकल जाती थी। आरोपी पहले ट्रांसफर्मर से विद्युत कनेक्शन काट देते थे। इसके बाद उसे पोल से गिराकर फोड़ देते और कॉपर आदि चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वापस निर्धारित स्थान पर एकत्रित होते थे और कॉपर को एकत्र कर अलग-अलग दुकानों में बेच कर रूपए आपस में बांट लेते थे।
इस टीम को मिली सफलता
वारदात का खुलासा करने वाली टीम में सागवाड़ा उपाधीक्षक नरपतसिंह, जिला विशेष टीम निरीक्षक दिलीप दान, सागवाड़ा थानाधिकारी, ओबरी थानाधिकारी अनिल देवल, चीतरी थानाधिकारी गोविंदसिंह (विशेष योगदान), दोवड़ा थानाधिकारी कमलेश चौधरी, हैडकांस्टेबल नेपालसिंह बनकोड़ा, नवीन कुमार डीएसटी, कांस्टेबल भुपेन्द्रसिंह सागवाड़ा, महेन्द्रसिंह दोवड़ा, पुष्पेन्द्रसिंह दोवड़ा, गोविंदसिंह ओबरी, प्रहलादसिंह वरदा, विपिन साबला, वीरेन्द्रसिंह सागवाड़ा, पुष्पेन्द्रसिंह चीतरी, चालक सुभाष चितरी, मनिन्दरसिंह सीसीटीवी, चालक लक्ष्मणलाल, दलपतसिंह, महावीर डीएसटी, हैडकांस्टेबल सुरेश भोई ओबरी, हरिसिंह सागवाड़ा, पंकज कुमार, राजगोपाल, मुकेश, यशपाल सिंह, साइबर सेल से अभिषेक, राहुल, जोगेन्द्रसिंह व हेमेन्द्रसिंह शामिल रहे।
यह आरोपी अब भी फरार
गैंग के सरगना राजू सहित गणेश लिमड़ी के गोविंद पुत्र भमर कनिपा, हरदार पुत्र भंवर कनिपा, सेमलघाटी निवासी राजू पुत्र रुमाल कनिपा, रतनावाड़ा पुनाली निवासी हमतु पुत्र नाथू, हदू पुत्र नाथू, मलापा निवासी हमतु पुत्र मोहन, अर्जुन पुत्र मोहन व सेमलघाटी निवासी प्रवीण पुत्र रमण कनिपा पकड़ से दूर हैं।