डूंगरपुर

डूंगरपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 4.65 लाख के नकली नोट बरामद, 15 दिन पहले शुरू किया था धंधा

डूंगरपुर के रामसागड़ा थाना पुलिस ने माड़ा गांव में कार से 4.65 लाख रुपए के नकली नोट बरामद कर भावेश खटीक और नयन जोशी को गिरफ्तार किया। दोनों ने करीब 15 दिन पहले नकली नोटों का धंधा शुरू किया था। एक आरोपी राहुल लबाना फरार है।
2 min read
• •
Sep 30, 2026
dungarpur police seize fake notes
आरोपी गिरफ्तार (पत्रिका फोटो)

Dungarpur Fake Currency: डूंगरपुर जिले में रामसागड़ा थाना पुलिस ने माड़ा गांव में कार्रवाई करते हुए एक कार से 4 लाख 65 हजार 500 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी करीब एक पखवाड़े पहले ही नकली नोटों का कारोबार शुरू करने की बात सामने आई है। वे नकली नोटों की पहली सप्लाई करने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

एक युवक मौके से भाग निकला

थानाधिकारी कैलाश पंचारिया ने बताया कि मंगलवार रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि माड़ा स्कूल मैदान में कुछ लोग नकली नोटों के साथ मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां एक कार और स्कूटी खड़ी मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर कार के पास पहुंचकर कार्रवाई शुरू की तो कार में तीन युवक बैठे मिले। इसी दौरान एक युवक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। पुलिस ने दो युवकों को पकड़ लिया।

कमरे में मिले सामान

चार बंडलों में भरे थे नकली नोट

पुलिस ने कार की तलाशी ली तो पीछे की सीट पर एक बॉक्स रखा मिला। बॉक्स खोलने पर उसमें बड़ी संख्या में नोट रखे हुए थे। जांच करने पर सभी नोट नकली पाए गए। बॉक्स में 500 रुपए के चार बंडल और 191 खुले नोट मिले। पुलिस के अनुसार चारों बंडलों में 200-200 नोट थे। पुलिस ने कार से कुल 4 लाख 65 हजार 500 रुपए के नकली नोट जब्त किए।

दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

पुलिस ने मामले में शहर की विजयगंज कॉलोनी निवासी भावेश पुत्र गोपाल खटीक और नालंदा बेंगलोज निवासी नयन पुत्र कमलेश जोशी को गिरफ्तार किया है। वहीं, माड़ा निवासी राहुल पुत्र वाडीलाल लबाना पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस आरोपियों से नकली नोटों के स्रोत, इन्हें तैयार करने वाले लोगों और इनकी सप्लाई कहां की जानी थी, इस संबंध में पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपियों ने करीब 15 दिन पहले ही यह काम शुरू किया था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। कार्रवाई करने वाली टीम में एएसआई कांतिलाल, विद्याशंकर, कांस्टेबल पुष्पेंद्र सिंह, सागर सिंह, दिलीप सिंह और गोविंद शामिल रहे।

Updated on:
30 Sept 2026 04:54 pm
Published on:
30 Sept 2026 04:54 pm