
Dungarpur : डूंगरपुर (सागवाड़ा) जिले में बहुचर्चित नाल-वरदा में युवती की हत्या के मामले में सागवाड़ा थाना पुलिस ने ऑपरेशन शिकंजा के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने नर्सिंग छात्रा निशा कटारा की निर्मम हत्या करने वाले उसके ही प्रेमी पूनमचंद कटारा (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने प्रेम संबंध में दरार आने और केस करने की धमकी से आक्रोशित होकर सुनियोजित तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
डूंगरपुर में पुलिस उप अधीक्षक हेरम्ब जोशी ने बताया कि दोवड़ा थानान्तर्गत घाटा वस्सी निवासी बाबूलाल पुत्र जवाहरलाल कटारा ने 23 सितंबर को सागवाड़ा थाने में लिखित रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि उसकी पुत्री निशा कटारा सागवाड़ा के नर्सिंग कॉलेज में नर्सिंग कोर्स कर रही थी। वह अपनी दो सहेलियों डिंपल कटारा व पायल रोत के साथ मडकोला मोड़ के पास मंदिर के नजदीक किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। 19 सितंबर को दोपहर 3 बजे के बाद पारड़ा चौबीसा निवासी पूनमचंद पुत्र हरिश कटारा उसकी पुत्री को जबरन गलत नीयत से बिना परिवार की रजामंदी के भगा ले गया।
शनिवार को कॉलेज की छुट्टी के बाद मां आशा कटारा ने निशा से फोन पर बात की थी, तब निशा ने कहा था कि रविवार को छुट्टी होने से वह घर आ रही है। लेकिन वह घर नहीं आई। परिजन सोचते रहे कि पढ़ाई के कारण नहीं आ पाई, लेकिन सोमवार को कॉलेज से फोन आया कि निशा कॉलेज नहीं आई। सागवाड़ा आकर पता करने पर साथ रहने वाली सहेलियों ने पुष्टि की कि निशा को पूनमचंद ले गया है। आरोपी का मोबाइल स्विच ऑफ था।
पुलिस ने ऑपरेशन शिकंजा के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। पूछने पर आरोपी ने बताया कि मृतका अब उससे संबंध तोड़ना चाहती थी। उसने धमकी दी थी कि अगर पीछा नहीं छोड़ा तो वह उसके खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करवा देगी। इससे आरोपी को लगा कि निशा उसके रास्ते का कांटा बन गई है। उसने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
वह उसे बहाने से नाल-वरदा के सुनसान इलाके में ले गया और वहां पेट व छाती में कई बार वार कर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए हत्या में प्रयुक्त खंजर, अपने खून से सने कपड़े और मृतका का बैग डूंगरपुर की गेपसागर झील में फेंक दिया और फरार हो गया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने सिविल डिफेंस की टीम रवि परमार, कपील पण्डवाला, सुनील विहात, संतीष डामोर, प्रकाश रोत, कमलेश कटारा, धनेश्वर गमेती की मदद से गेपसागर झील में सर्च ऑपरेशन चलाया।
गोताखोरों की मदद से झील के पानी के अंदर से हत्या में प्रयुक्त खंजर, खून से सने कपड़े व बैग बरामद किया गया। साथ ही घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।