
राजस्थानआदिवासी महासमिति के बैनर तले खुंटवाड़ा के करकटीया फला में सोमवार को आदिवासी महासम्मेलन हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री कनकमल कटारा रहे। अध्यक्षता लक्षमण खराड़ी ने की।
मुख्य अतिथि कटारा ने कहा कि आदिवासी समाज विवेकता के अभाव में आर्थिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहा है। समाज के समेकित विकास के लिए एक जाजम पर आना होगा। मोबाइल व धूम्रपान से युवा पीढ़ी परिवार को आर्थिक संकट में डाल रही है। शादी ब्याह में डीजे व शराब पर अपव्यय रोकना होगा, तभी संस्कृति को बचाया जा सकता है।
विशिष्ट अतिथि रमेशचन्द्र रोत, ईश्वरलाल कटारा, विजयपाल रोत, प्रधान सूर्या अहारी, रतनलाल कोटेड़, दशरथ बरण्डा, बांसिया धाम के महंत बापू महाराज, जिलाध्यक्ष कमलाशंकर रोत, संरपच कमला डेण्डोर, जयप्रकाश पारगी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। सरपंच वरसेंग खराड़ी ने स्वागत किया। सम्मेलन में खडग़दा, चीतरी एवं ओबरी क्षेत्र के 50 गांवों से समाजजन शामिल हुए।