
फाइल फोटो: सोशल मीडिया
Rajasthan Politics: पूर्व मंत्री और कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल ने कहा कि राजस्थान में अशोक गहलोत ही कांग्रेस के आलाकमान हैं। दिल्ली का आलाकमान अलग है और वह सबसे बड़ा हाईकमान है। सोशल मीडिया पर इस वक्तव्य का वीडियो वायरल हो रहा है। धारीवाल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। उनके बयान को पार्टी के अंदर गहलोत की मजबूत पकड़ और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता से जोड़कर देखा जा रहा है।
कांग्रेस के शनिवार को छात्र गूंज कार्यक्रम के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद पत्रकारों ने धारीवाल से पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के कांग्रेस ज्वाॅइन करने से पहले गहलोत से मिलने उनके घर जाने के संबंध में प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा के बयान को लेकर सवाल पूछा था। इस पर धारीवाल ने कहा कि प्रदेश के आम कार्यकर्ता का जुड़ाव ही इसका प्रमाण है। जयपुर की धरती पर कदम रखते ही कांग्रेस कार्यकर्ता का दूसरा पैर सीधे अशोक गहलोत के बंगले की ओर जाता है। चाहे वे ट्रेन, बस या कार से उतरे, सबसे पहले वहीं क्यों पहुंचते हैं। यह साबित करता है कि कार्यकर्ताओं के मन में असली नेतृत्व किसका है। उन्होंने कहा कि वर्षों से यही परंपरा रही है और प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आने वाले कार्यकर्ता संगठनात्मक मुद्दों, राजनीतिक सलाह और मार्गदर्शन के लिए सबसे पहले गहलोत से मुलाकात करना उचित समझते हैं।
आज भी राजस्थान से कोई भी कार्यकर्ता बस या कार से जैसे ही जयपुर पहुंचता है, सबसे पहले गहलोत से मिलने जाता है। धारीवाल से एक मीडियाकर्मी ने सवाल किया कि आपने कहा था कि प्रदेश कांग्रेस में आलाकमान अशोक गहलोत ही हैं। आपका आज क्या कहना है। इस पर धारीवाल ने कहा, मैं आज भी इस बात पर कायम हूं। उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं की भावना पर आधारित आकलन है, जिसे प्रदेशभर में आसानी से देखा और महसूस किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका इस्तीफा होना चाहिए। ऐसे आदमी को शिक्षा का जिम्मा दे दिया, जिसने कई सरकारी स्कूल बंद कर दिए। नामांकन कम होने लग गया। ऐसे आदमी को रखने का क्या फायदा है।
Updated on:
03 Aug 2026 06:56 am
Published on:
03 Aug 2026 06:56 am
