डूंगरपुर

राजस्थान में पकड़ी गई तीन करोड़ कीमत की अवैध शराब की बड़ी खेप, गुजरात चुनाव में खपाने की थी तैयारी

गुजरात चुनाव में सप्लाई के जाने को तैयार थी तीन करोड़ की शराब, प्रदेश में अवैध शराब, पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई
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Updated: 8 Dec 2017, 11:39 AM IST
Police action on illegal liquor, seized liquor of Rs 3 crore supplied in Gujarat election

डूंगरपुर

जिले की क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए गुजरात चुनाव में सप्लाई के लिए तैयार तीन करोड़ रुपए की शराब की खेप पकड़ी है। पुलिस ने गोदाम के बाहर से करीब एक दर्जन वाहन भी जब्त किए है। प्रदेश भर में पुलिस की तरफ से अब तक अवैध शराब को लेकर की गई यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। पुलिस ने इस मामले में गोदाम केयरटेकर को अरेस्ट किया है। पुलिस की टीम शराब की बोतलों की काउंटिंग करने में जुटी है। गोदाम व ट्रकों से पुलिस ने करीब 3,500 से अधिक पेटी जब्त की है।

चड़ीगढ़ निर्मित यह शराब ट्रकों में भरकर गुजरात ले जाई जा रही थी। गोदाम से गुजरात की सीमा 25 किलोमीटर दूर है। गुजरात में पहले चरण का मतदान कल होगा और दूसरे चरण का मतदान 14 दिसम्बर को होगा। इस कार्रवाई में पुलिस करीब 12 घंटे से जुटी है। शराब की गिनती का दौर खबर लिखे जाने तक जारी था।

पुलिस के अनुसार देर रात करीब दस बजे क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम को बार्डर थाना इलाके से ट्रकों में भरकर अवैध रूप से शराब गुजरात ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर जिला पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा के नेतृत्व में करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम बनाकर घटना स्थल पर दबिश दी गई।

पुलिस ने मौके से पांच बड़े , तीन छोटे ट्रक, चार बाइक व एक स्कूटी जब्त कर ली। गोदाम व ट्रकों में भरी करीब 3,500 हजार से अधिक पेटी अंग्रेजी शराब को जब्त कर लिया। मौके से पुलिस ने गोदाम केयरटेकर को भी अरेस्ट कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि यह शराब ट्रकों में भरकर गुजरात ले जाई जा रही थी। पकड़े गए अधिकांश ट्रक गुजरात नम्बरों के है। जिला पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा ने बताया कि वाहनों के नम्बरों के आधार पर उनके मालिकों का पता लगाया जा रहा है। यह गोदाम बिच्छीवाड़ा थाने के सिसोद गांव में स्थित था जहां से ट्रकों में वाहन भरकर गुजरात ले जाई जा रही थी।

केयरटेकर से पूछताछ कर गोदाम मालिक का पता लगाया जा रहा है। गोदाम व ट्रकों में मिली शराब की गिनती की जा रही है। गोदाम से गुजरात सीमा करीब 25 से तीस किलोमीटर दूर है। गोदाम पर रात करीब ग्यारह बजे छापा मारा गया था।

गुजरात में सक्रीय हुए राजस्थान के शराब तस्कर
गुजरात चुनाव के नज़दीक आने के साथ ही राजस्थान और हरियाणा के शराब तस्कर भी सक्रिय हो गए हैं। तस्करों ने अब बकायदा गुजरात में डेरा डाल लिया है। वजह साफ है कि चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को रिझाने के लिए शराब परोस रहे हैं।

इसके चलते ड्राय स्टेट के नाम से प्रसिद्ध गांधी के धाम गुजरात में इन दिनों जाम से जाम टकराने लगे हैं तो शराब तस्कर भी चुनाव के दौरान मोटा मुनाफा कमाने के लिए अवैध शराब की खेप पहुंचाने में लगे हुए हैं। इधर, पुलिस भी शराब तस्करों के ऊपर निगाह रखे हुए है, इसकी लिए जयुपर के आसपास एनएच-8 और आगरा रोड पर विशेष नाकाबंदी की गई है। पुलिस की सक्रियता के चलते शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसका खुलासा पुलिस में दर्ज मुकदमों से साफ जाहिर होता है।

तीन गुणा बढ़े मुकदमे
हरियाणा के तस्कर ज़्यादातर जयपुर ग्रामीण और जयपुर कमिश्नरेट के बस्सी और तूंगा क्षेत्र के रास्तों से अवैध शराब की खेप गुजरात पहुंचा रहे हैं। जयपुर ग्रामीण पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ वर्ष 2014 में जहां 220 मुकदमे दर्ज किए थे, वहीं इस वर्ष अक्टूबर तक आबकारी एक्ट के तहत 614 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इसी तरह जयपुर कमिश्नरेट के बस्सी सर्किल में इस वर्ष अक्टूबर तक 94 मामले दर्ज हो चुके हैं।

आगरा रोड सर्वाधिक बदनाम शराब तस्कर हरियाणा बॉर्डर पार करने के बाद बहरोड़, कोटपूतली, शाहपुरा, मनोहरपुर और चंदवाजी के रास्तों से अवैध शराब की खेप गुजरात पहुंचाते हैं। ग्रामीण पुलिस की ओर से इन रास्तों पर नाकाबंदी बढऩे से शराब तस्करों ने अलवर और इसके बाद रामगढ़, तूंगा और बस्सी के भीतरी रास्तों को तस्करी का नया मार्ग बना लिया है।

लालसोट नया केंद्र
हरियाणा के तस्कर शराब से भरे ट्रक या अन्य वाहन एस्कोर्ट कर लालसोट तक पहुंचा देते हैं। स्थानीय तस्करों का दूसरा गुट उस वाहन को अपनी देखरेख में गुजरात सीमा तक पहुंचा देता है।

पुलिस में तालमेल का अभाव
सूत्रों ने बताया कि नाकाबंदी और शराब तस्करों के धरपकड़ के मामले में जयपुर रेंज पुलिस और जयपुर कमिश्नरेट ने आज तक कोई संयुक्त अभियान नहीं चलाया है।

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8 Dec 2017, 11:39 AM IST
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