District Collector Warned : जिला कलक्टर व निर्वाचन अधिकारी अंकित कुमार सिंह ने जिले के सभी अफसरों व कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त करने के बाद चेतावनी दी। बोले - बिना सूचना के मुख्यालय छोड़ा तो अब खैर नहीं है। साथ ही संभागीय आयुक्त ने प्रकोष्ठ प्रभारियों की बैठक ली।
District Collector Warned : डूंगरपुर में बांसवाड़ा संभागीय आयुक्त डा. नीरज कुमार पवन ने शनिवार को डूंगरपुर में लोकसभा आम चुनाव-2024 की तैयारियों को लेकर सभी प्रकोष्ठ प्रभारियों की बैठक ली। जिला निर्वाचन अधिकारी अंकित कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मोनिका सिंह से जिले में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अब तक की गई तैयारियों की जानकारी ली। संभागीय आयुक्त डा. पवन ने जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक में क्रिटिकल पोलिंग बूथ, एसएसटी, वीएसटी, वीवीटी, वाहन आवंटन, मतदान दलों के गठन, मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाओं, कानून व्यवस्था, स्वीप, मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण, वेबकास्टिंग और कानून व्यवस्था से जुड़े अन्य बिंदूओं पर जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
जिला कलक्टर व निर्वाचन अधिकारी अंकित कुमार सिंह ने बताया कि जिले में लोकसभा चुनाव के लिए 1026 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से 180 लोकेशन पर 303 मतदान केंद्र क्रिटिकल श्रेणी में चिह्नित किए हैं। गुजरात बॉर्डर पर स्थित पुलिस थानों, चेक पोस्ट पर संबंधित थानों के एसएचओ को नियमित मॉनीटरिंग, चेक पोस्ट पर सीसीटीवी लगाने और रिकॉर्डिंग चेक करने के निर्देश दिए हैं। दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर अपराधियों के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाएगी। इस संबंध में बॉर्डर मीटिंग के दौरान आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान किया है।
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जिला कलक्टर व निर्वाचन अधिकारी अंकित कुमार सिंह ने लोकसभा आम चुनाव को देखते हुए सभी अधिकारियाें के अवकाश निरस्त करते हुए जिला मुख्यालय सहित सभी उपखण्ड स्तरीय अधिकारियों को कार्यालय में ही रहने और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुलराज मीणा, जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी सहित सभी प्रकोष्ठ के प्रभारी और सह प्रभारी उपस्थित रहे।
डा. नीरज कुमार पवन ने कहा कि हर चुनाव एक नई चुनौती होती है। प्रशिक्षण में कोई लापरवाही नहीं बरतें। ईवीएम-वीवीपैट प्रोटोकॉल की पालना से जुड़ी बारीकियों को अच्छी तरह समझें। मॉक पोल के वोटों को आवश्यक रूप से इरेज करना है। किसी भी तकनीकी खामी की वजह से पुनर्मतदान की नौबत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने गत विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान 50 प्रतिशत से कम मतदान वाले पोलिंग बूथ पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष कार्य योजना बनाकर मतदाताओं तक पहुंचने और मतदान के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
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