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Dungarpur Road : पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का अजब-गजब खेल, अब अधिकारियों ने माना- सर्वे था गलत

Dungarpur : डूंगरपुर पीडब्ल्यूडी ने सोमवार को गुमानपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2024-25 में 1.53 करोड़ की मिसिंग लिंक सड़क के अधूरे निर्माण का निरीक्षण किया। अधिकारियों का अजब-गजब खेल समझें।

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Rajasthan Dungarpur Road PWD officials play a strange game they admitted that survey wrong

डूंगरपुर. नलवा स्कूल से श्मशान घाट तक मिसिंग लिंक सड़क का अधूरा कार्य। फोटो पत्रिका

Dungarpur Road : डूंगरपुर सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से गुमानपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2024-25 में 1.53 करोड़ की मिसिंग लिंक सड़क के अधूरे निर्माण का निरीक्षण करने सोमवार को अधिकारियों की टीम पहुंची। डूंगरपुर खंड के एईएन भव्य ननोमा मय टीम ने मौके पर पहुंचकर अधूरी सड़क को देखा। वहीं सड़क के बीच में आने वाली नदी को देखकर वैकल्पिक मार्ग पर चर्चा की गई।

दरअसल जिला मुख्यालय से 10 किमी. दूर गुमानपुरा ग्राम पंचायत में मिसिंग लिंक सड़क वर्ष 2024-25 में स्वीकृत हुई थी। सड़क को नलवा स्कूल के रोत फला से श्मशान घाट को जोड़ते हुए गुमानपुरा-टाडी ओबरी मुख्य सड़क से जोड़ना था। सड़क के बनने से लोगों को 10 किमी. घुमकर जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी।

सड़क को मिली वित्तीय स्वीकृति

1.80 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आने के बाद 1.53 करोड़ में वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। ठेकेदार ने विभाग की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार सड़क बनाने का कार्य शुरू किया। इस सड़क के बीच में एक नदी आ गई। जहां पर जी-शेड्यूल में कोई पुलिया नहीं थी। सीधे नदी के अंदर सड़क बनाकर जोड़ना था। ठेकेदार ने कार्य शुरू करने के पहले दिन से पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को गलत शेड्यूल बनाने का हवाला दिया था। इसके बाद सड़क का कार्य नदी के दोनों छोर से पिछले एक साल से अधूरा पड़ा हुआ है। जिससे ग्रामीणों में रोष था।

जिला कलक्टर ने तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगा था

मामले में राजस्थान पत्रिका ने 14 अप्रेल के अंक में ‘इंजीनियरों का अजब खेल, तालाब में सडक़.. सर्वे फेल’ शीषर्क से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद जिला कलक्टर देशलदान ने पीडब्ल्यूडी के उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।

पीब्डल्यूडी एसई एम. विश्रोई ने सड़क की जांच करने का निर्देश एक्सईएन आरएल कलासुआ को दिया। एक माह का समय मिला पर एक्सईएन की ओर से पूरी जांच नहीं हुई। सड़क का मौका मुआयना नहीं किया गया। सोमवार को अधिकारी आनन-फानन में निरीक्षण को पहुंचे। पीडब्ल्यूडी के एसई एम विश्रोई ने बताया कि अब नए सिरे से सर्वे करते हुए नदी के बीच में पुलिए का प्रस्ताव लिया जाएगा। इस प्रस्ताव को जयपुर भेजा जाएगा। जहां से बजट मिलने के बाद पुलिया निर्माण कर सड़क का डामरीकरण किया जाएगा।

सड़क को जल्द पूर्ण किया जाएगा

गलती तो तत्कालीन अधिकारियों की है। उन्हें पूरा सर्वे सही ढंग से करना चाहिए था। सोमवार को टीम भेजी है। नया पुलिया बनाकर सड़क को जल्द पूर्ण किया जाएगा।
एम विश्रोई, एसई पीडब्ल्यूडी डूंगरपुर।