डूंगरपुर

Dungarpur: सांप के डसने से दो मासूम बहनों की मौत, झाड़ फूंक में गंवाए दो घंटे, भूलकर भी ना करें ऐसी गलती

Snake Bite: दोनों बहनें खेत में काम कर रहे माता-पिता के लिए पानी ले कर जा रही थी। इसी दौरान सांप ने डस लिया। दोनों बहनें खेत में काम कर रहे माता-पिता के लिए पानी ले कर जा रही थी। इसी दौरान सांप ने डस लिया।
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फोटो एआई जनरेटेड

डूंगरपुर। चौरासी थाना क्षेत्र के नागरियां पंचेला गांव में दो बहनों की सर्पदंश से मौत हो गई। दोनों बहनें खेत में काम कर रहे माता-पिता के लिए पानी ले कर जा रही थी। इसी दौरान सांप ने डस लिया। इसके बाद मासूम बहनों को परिजन भोपे के पास ले कर गए, जहां करीब करीब दो घंटे तक झाड़ फूंक कराया। बाद में अस्पताल ले कर पहुंचे, इस दौरान दोनों की मौत हो गई।

एएसआई जीवनलाल ने बताया कि मृतका के पिता नागरिया पंचेला निवासी कालूराम कटारा ने रिपोर्ट दी है। जिसमें बताया कि रोज की तरह वो पत्नी के साथ खेत पर काम कर रहा था। इस दौरान सात वर्षीय बेटी मुन्ना व छह वर्षीय रेखा दोनों पानी लेकर खेत पर आ रही थी। रास्ते में दोनों को सांप ने डस लिया।

मुंह से झाक निकलने लगे तो भोपा के पास ले गए

सांप के डसने के बाद दोनों खेत पर आई एवं इसके बाद माता-पिता के साथ घर आई एवं सो गई। दोपहर 12 बजे दोनों बहनों को उठाया तो, उनके मुंह से झाक निकलने लगा। इस पर दोनों बहनों को भोपे के पास लेे गए। भोपे के झाड फूंक करने के बाद भी कोई फर्क नहीं पड़ा।

दो घंटे झाड़ फूंक में गंवाए

दो घंटे झाड़ फूंक में गंवाने के बाद परिजन दोनों बहनों को सीमलवाड़ा चिकित्सालय में लेकर आए। यहां पर चिकित्सक ने दोनों बहनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बहनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द किया।

बहनों की मौत के बाद मातम

दोनों बहनों की मौत के बाद परिवार सहित गांव का माहौल गमगीन हो गया है। परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। ऐसे में आसपास एवं ग्रामीणों ने परिजनों को ढाढ़स बंधाया।

भूलकर भी ना करें ऐसी गलती

डॉक्टरों की मानें तो सांप के काटने की घटना के बाद झांड़ फूंक के चक्कर में कभी भी ना पड़े। घाव पर घरेलू उपचार आदि ना करें। रक्त संचार को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्र को न बांधें। रोगी को उसकी पीठ के बल न लिटाएं। मरीज को तुंरत नजदीकी अस्पताल में लेकर जाएं। चिकित्सक परामर्श के अनुसार उपचार लें। ऐसे में मरीज की जान बच सकती है।

Updated on:
16 Jul 2025 11:51 am
Published on:
16 Jul 2025 11:51 am