दुर्ग

आधी रात बाल संप्रेक्षण से भागने दीवार में सुराख कर रहे थे अपचारी बालक, केयर टेकर की नजर पड़ी तो हो गया बवाल

बाल संप्रेक्षण गृह पुलगांव के अपचारियों ने मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात जमकर उत्पात मचाया। अपचारियों ने पहले संप्रेक्षण गृह से भागने की कोशिश की।

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Sep 13, 2018
आधी रात बाल संप्रेक्षण से भागने दीवार में सुराख कर रहे थे अपचारी बालक, केयर टेकर की नजर पड़ी तो हो गया बवाल

दुर्ग. बाल संप्रेक्षण गृह पुलगांव के अपचारियों ने मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात जमकर उत्पात मचाया। अपचारियों ने पहले संप्रेक्षण गृह से भागने की कोशिश की। भागने के लिए दीवार का ईंट निकालकर रास्ता बना रहे थे। केयर टेकर की नजर पड़ गई और अपचारी भाग नहीं सके। इसके बाद उन्होंने उत्पात मचाना शुरू कर दिया।

ठोकने की आवाज आई
पुलिस को सूचना मिलने पर एहतियात के तौर पर रात भर संप्रेक्षणगृह में लगभग ७० जवानों को तैनात रखा गया। जानकारी के मुताबिक संप्रेक्षण ब्रेक करने मंगलवार की रात अपचारी एकजुट हो गए थे। रात में खाना खाने के बाद लाइट बंद कर सोने का नाटक किया। केयर टेकर भी यह सोचकर अपने कमरे में चला गया कि बच्चे सो गए हैं। रात लगभग ११ बजे किसी चीज को ठोकने की आवाज आई।

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ग्रिल के बाद निकाल रहे थे दीवार की ईंट
केयर टेकर आवाज सुनकर बरामदे में निकला। दबे पांव खिड़की तक पहुंचा। वहां का हाल देखा तो हैरान रह गया। अपचारी खिड़की में लगे ग्रील को उखाड़ चुके थे और दीवार की ईंट को निकाल रहे थे। ठोकने की अवाज उसी की थी। केयर टेकर के देख लेने की भनक अपचारियों को लग गई तो उग्र हो गए और गाली गलौज करते हुए उत्पात मचाना शुरू कर दिया।

छावनी में बदल गया संप्रेक्षण गृह
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने घटना की सूचना आधीरात को ही कलेक्टर उमेश अग्रवाल को दी। इसके बाद बाल संप्रेक्षण गृह छावनी में बदल गया। एएसपी व अन्य अधिकारियों ने आधीरात को ही घटना स्थल का निरीक्षण किया। वहां बुधवार सुबह १० बजे तक पुलिस तैनात रही।
दीवार में बनाए सुराख को ठीक कराने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने सुबह होते ही कवायद शुरू कर दी।

सुबह लगभग आठ दो मिस्त्री बुलाकर काम शुरू करवाया गया। शाम ४ बजे से शाम चार बजे तक दीवाल को बंदकर खिड़की का ग्रील मजबूती से लगाया गया। घटना के समय बाल संप्रेक्षणगृह में ४० अपचारी बच्चे थे। अपचारी बच्चों ने आधी रात इस बात को लेकर उपद्रव करना शुरू कर दिया कि केयर टेकर उनसे खराब व्यवहार करते हैं। इसलिए वे भागना चाहते है। अपचारियों की उग्रता देखकर केयर टेकर का भी पसीना छूट गया।

एक्जास्ट का ग्रिल निकाल भागे थे १३ बच्चे
जानकारी के मुताबिक पंद्रह दिन पहले बाल संप्रेक्षण गृह से १३ बच्चे एक्जास्ट फेन के लिए लगाए ग्रील तोड़कर भाग गए थे। रात लगभग तीन बजे सभी बच्चे पुलगांव नाला पार कर अलग अलग दिशा में भाग निकले। इनमें से १२ अपचारी मिल गए। कुछ को पुलिस ने पकड़ा तो कुछ को उसके परिजन छोड़कर गए। प्रभारी बाल संप्रेक्षण गृह सुमीत गढऱेचा ने बताया कि अपचारी बालकों ने आधी रात को भागने का प्रयास किया था।

बल तैनात किया गया
दीवार पर लगे ग्रिल को निकालने के बाद दीवार की ईंट निकला रहे थे। बुधवार को दीवार की मरम्मत कराई गई है। टीआई पुलगांव चेतन साहू ने बताया कि अपचारी बालकों ने रातभर उत्पात मचाया। एहतियात के तौर पर बाल संप्रेक्षणगृह में बल तैनात किया गया था। बच्चों ने ग्रील व दीवार की ईट कैसे निकाली इसका खुलासा नहीं हुआ है। अपचारियों का बयान गुरुवार को दर्ज किया जाएगा।

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Published on:
13 Sept 2018 10:44 am
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