आरोपी अपनी चचेरी बहन को आए दिन एसएमएस भेजकर तंग करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
दुर्ग. घर में घुसकर प्राणघातक हमला करने के एक मामले में न्यायाधीश गरिमा शर्मा के न्यायालय में मंगलवार को फैसला सुनाया गया। न्यायालय ने आरोपी हरिनगर निवासी योगेन्द्र देवांगन (24) को दोष साबित होने पर चार साल कैद की सजा सुनाई। आरोपी ने मारपीट की शिकायत थाना में करने से क्षुब्ध रिश्ते के चाचा जगन्नाथ देवांगन व उसकी पत्नी पर प्राण घातक हमला कर दिया था। न्यायालय ने घर में जबरन घुसने के मामले में 6 माह कारावास और हत्या का प्रयास करने की धारा के तहत 4 साल कारावास की सजा सुनाई। दोनो ही धारा के तहत 1-1 हजार जुर्माना जमा करना होगा। राशि जमा नहीं करने पर क्रमश: 1 और 3 माह अलग से जेल में रहना होगा।
घटना 5 जून 2016 को हरि नगर की
घटना 5 जून 2016 को हरि नगर की है। अधिवक्ता विजय कसार ने बताया कि आरोपी योगन्द्र धारदार हथियार लेकर जगन्नाथ देवांगन के घर घुसा गया और हत्या की नीयत से गले को रेत दिया। घटना का विरोध करने पर जगन्नाथ की पत्नी पर भी हमला किया। उसके कान में चोट आई थी। दोनों को उपचार के लिए दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। इस मामले में मोहन नगर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर 11 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विवाद का कारण
आरोपी हरिनगर निवासी योगेन्द्र देवांगन रिश्ते में जगन्नाथ देवांगन का भतीजा है। योगेन्द्र अपनी चचेरी बहन यानी जगन्नाथ की बेटी को आए दिन एसएमएस भेजकर तंग करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। जगन्नाथ कई बार एसएमएस नहीं भेजने की चेतावनी दे चुका था, लेकिन योगेश्वर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। इसी बात पर ५ जून २०१६ को ही जगन्नाथ और योगेन्द्र का सुपेला क्षेत्र में विवाद हो गया था। दोनो के बीच हाथापाई भी हुई। इस आशय की शिकायत जगन्नाथ ने सुपेला थाना में की थी। मामले में पुलिस ने योगेन्द्र के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया था। इसी बात को लेकर योगेन्द्र ने देर रात अपने चाचा के घर घुसकर हमला किया था।