
सबरीमला विवाद की आग भिलाई पहुंची: महिलाओं ने कहा-हम नहीं चाहते प्रवेश,परंपरा जैसी है वैसी ही रहने दो
भिलाई. सबरीमाला मंदिर केरल में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पूरे देश में विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं। रविवार को भिलाई नगर में भगवान अय्यपा मंदिर सेक्टर-2 से 'अय्यपा नाम जप यात्राÓ निकाली गई। इसमें भिलाई-दुर्ग की एक दर्जन से अधिक अय्यपा समितियों की 1500 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं। यात्रा के दौरान सभी ने सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश को वर्जित ही रखने की बात कही।
आगामी फैसला सुनाने वाली पीठ की ह्दय परिवर्तन के लिए निकाली यात्रा
उनका कहना था कि अय्यपा से जुड़ी परंपराओं के साथ छेड़छाड़ करना समाज को आहत करने जैसा है। वो भी तब जब समाज की लाखों महिलाएं सबरीमाला में प्रवेश नहीं मिलने के बाद भी पक्ष में है। यह यात्रा सेक्टर-२ अय्यपा मंदिर से सेंट्रल एवेन्यू ग्लोब चौक से होते हुए फिर वापस मंदिर प्रांगण में समाप्त हुई। दरअसल, यह यात्रा सुप्रीम कोर्ट में आगामी फैसला सुनाने वाली पीठ की ह्दय परिवर्तन के लिए निकाली गई।
फैसला पुरूष जजों ने सुनाया
रैली में शामिल महिलाएं अय्यपा का नाम जपते हुए निकलीं। सभी ने कहा कि जो नियम बरसों से चली आ रही हैं, उन्हें वैसा ही रहने दिया जाए। महिलाओं ने यह भी कहा कि जिन जजों की पीठ ने सबरीमाला में महिलाओं का प्रवेश शुरू करने का आदेश दिया, उस पीठ में शामिल महिला जज ने भी इसे सही नहीं माना था, यह फैसला पुरूष जजों ने सुनाया।
अय्यपा जप यात्रा में शामिल हुई समितियां
भिलाई नायर समाजम, अय्यपा सेवा संगम सेक्टर-२, श्री नारायण गुरुधर्म समाज, एसएनजी सेक्टर-४, केरल समाजम दुर्ग भिलाई, केरल कल्चरल एसोसिएशन दुर्ग, मानव सेवा समिति भिलाई, अय्यपा पौरनमी संघ भिलाई, भिलाई नायर महिला समाज, एसएनजी महिला विंग, भिलाई स्पोर्ट प्रमोटर, आंध्रा साहित्य समिति की महिलाओं ने यात्रा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। जल्द ही समितियां हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत भी करेंगी, जिसे राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।
Updated on:
28 Oct 2018 11:15 pm
Published on:
28 Oct 2018 11:15 pm
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